हिमाचल उपचुनाव: कांग्रेस ने पच्छाद से गंगूराम मुसाफिर और धर्मशाला से विजय इंद्र को बनाया प्रत्याशी
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हिमाचल में दो विधानसभा सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। हाईकमान ने पच्छाद से गंगूराम मुसाफिर और धर्मशाला से विजय इंद्र करण कांग्रेस को प्रत्याशी बनाया है। प्रत्याशियों के नाम तय करके पार्टी निशान भी जारी कर दिए हैं। हाईकमान से दोनों के सिंबल लेकर पीसीसी का दूत शिमला लौटा आया है। दोनों प्रत्याशी सोमवार को नामांकन भरेंगे।
पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा के पीछे हटने से धर्मशाला ब्लाक कांग्रेस कमेटी की हाईकमान के समक्ष खासी किरकिरी हुई है, क्योंकि कमेटी ने धर्मशाला से सुधीर शर्मा का नाम पार्टी टिकट के लिए हाईकमान के पास भेजा था। सवाल यह उठ रहा है कि क्या धर्मशाला बीसीसी ने सुधीर को विश्वास में लिए बिना टिकट के लिए प्रस्ताव भेजा। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने दोनों प्रत्याशियों को टिकट मिलने पर बधाई दी है। गंगूराम मुसाफिर के कवरिंग प्रत्याशी बीसीसी पच्छाद के महासचिव दिनेश आर्य होंगे।
क्या कहते हैं धर्मशाला बीसीसी अध्यक्ष
हाईकमान इस बात से नाराज है कि जिस नेता का नाम बीसीसी ने पार्टी टिकट के लिए धर्मशाला से प्रस्तावित किया था, वह आखिरी समय में हाईकमान के सामने कैसे मुकर गया? क्या बीसीसी ने सुधीर को विश्वास में लेना उचित नहीं समझा या बीसीसी ने उनसे चुनाव लड़ने के लिए पूछना जरूरी नहीं समझा।
सूत्रों के अनुसार हाईकमान यह भी विचार करने को विवश हो गया है कि जो नेता विधानसभा उपचुनाव में स्वास्थ्य कारणों से असमर्थता व्यक्त कर रहा है तो क्या उसकी एआईसीसी में सचिव के तौर पर सेवाएं ली जा सकती हैं?
बताते हैं कि इस मामले को लेकर पहले महासचिव केसी वेणुगोपाल प्रभारी रजनी पाटिल से विचार-विमर्श किया। इसके बाद वेणुगोपाल ने इस मामले पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी मंथन किया। ऐसी स्थिति में हाईकमान कोई कार्रवाई कर सकता है।
धर्मशाला बीसीसी अध्यक्ष राजेश कपूर कहते हैं कि बीसीसी के 88 पदाधिकारियों और बूथ कमेटियों के अध्यक्षों ने लिखकर सुधीर को पार्टी टिकट देेने का प्रस्ताव भेजा।
इस बारे में एआईसीसीसी सचिव सुधीर से कैसे पूछ सकते थे। उनका कहना है कि धर्मशाला नगर निगम के महापौर देवेंद्र जग्गी ने भी समर्थन किया था। वह धर्मशाला में ही थे और उनका आवेदन शिमला कैसे पहुंचा।