{"_id":"5f15c0908ebc3e63887e2408","slug":"bus-fare-case-himachal-govt-gave-a-blow-to-the-common-man-during-the-coronavirus-period","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना काल में आम आदमी को हिमाचल सरकार ने दिया पांचवां झटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना काल में आम आदमी को हिमाचल सरकार ने दिया पांचवां झटका
Tue, 21 Jul 2020 09:26 AM IST
Krishan Singh
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 21 Jul 2020 09:26 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना काल में जयराम सरकार ने राहत की बजाय आम आदमी को महंगाई के झटके ही दिए हैं। मंत्रिमंडल बैठक में सरकार ने न्यूनतम बस किराये में दो रुपये की वृद्धि को मंजूरी दी है। इससे पहले भी सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिनसे आम आदमी की मुश्किलें बढ़ी हैं। खास बात यह है कि इस सारी कवायद के दौरान सरकार की ओर से सरकारी खर्च घटाने को जमीन पर एक भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
विज्ञापन
विधायकों व मंत्रियों के वेतन कटौती को छोड़ दें तो सरकारी अधिकारियों-मंत्रियों और मुख्यमंत्री तक के फ्लीट में गाड़ियों की संख्या पहले की ही तरह रही। हाल में कैबिनेट की एक बैठक के दौरान सरकार के कुछ आला अधिकारियों ने सरकार से खर्च घटाने पर खास ध्यान देने की बात कही तो सलाह को हाथों हाथ लेने के बजाय पूरी कैबिनेट ने ही अपने सियासी लाभ-हानि के लिए अफसरों के मुंह बंद करा दिए।
विज्ञापन
इन फैसलों से सरकार ने दिए आम आदमी को झटके
- झटका नंबर एक: कोरोना के दौरान खाली हो रहे सरकारी खजाने को भरने के नाम पर आम आदमी के सस्ते राशन पर मार की थी। सरकार ने इनकम टैक्स देने वाले हर व्यक्ति की सब्सिडी को खत्म करने का फैसला ले लिया।
- झटका नंबर दो: पेट्रोल-डीजल के दाम में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे समय में जब महंगाई रिकॉर्ड तोड़ने की ओर है, जयराम सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले वैट में एक-एक रुपये की बढ़ोतरी कर दी।
- झटका नंबर तीन: शराब की विभिन्न श्रेणी पर पांच से पच्चीस फीसदी का अतिरिक्त सेस लगा दिया।
- झटका नंबर चार: राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों को न बढ़ाने का फैसले लिया, लेकिन सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी को कम कर आम आदमी को जबरदस्त करंट लगा दिया।