हिमाचल बजट सत्र: नशा बेचकर बनाई संपत्ति नष्ट होगी या सरकार के अधीन, हो सकती है उम्रकैद की सजा
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में मुख्यमंत्री का पत्र भी साथ जाएगा। इसमें नशे के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में हिमाचल सरकार की ओर से सुझाए सुझावों को शामिल किए जाने का आग्रह किया जाएगा।
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नशा बेचकर बनाई संपत्ति या तो नष्ट की जाएगी या फिर इसे सरकार के अधीन किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को विधानसभा में नशे के खिलाफ संकल्प प्रस्ताव रखा। इसमें एनडीपीएस एक्ट में संशोधन करने के लिए केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजने का फैसला लिया गया। विपक्ष की गैरमौजूदगी में एनडीसीएस एक्ट में संशोधन किए जाने वाली सिफारिश को ध्वनिमत से पारित किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र को भेजे जाने वाले प्रस्ताव में मुख्यमंत्री का पत्र भी साथ जाएगा। इसमें नशे के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में हिमाचल सरकार की ओर से सुझाए सुझावों को शामिल किए जाने का आग्रह किया जाएगा। हिमाचल में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। ऐसे में प्रदेश सरकार की ओर से कुछ संशोधन शामिल किए जा रहे हैं, जिससे नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों में एनडीपीएस एक्ट में 530 मामले दर्ज किए गए हैं। 729 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। दो लोगों को सजा भी हो गई है। बड़े पैमाने पर नशा माफिया सक्रिय है। यह नशा अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से आ रहा है। बार्डर एरिया को सील करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह एक्ट भारत सरकार का है। केंद्र सरकार ही इसमें संशोधन कर सकती है।
एक्ट में ये प्रावधान जरूरी
अग्निहोत्री ने कहा कि काॅलेजों, स्कूलों के बच्चों को बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है। नशे की छोटी से छोटी मात्रा पकड़ी जाए, तो यह गैरजमानती अपराध होना चाहिए। इसमें 10 से 20 साल कैद, कम से कम पांच लाख का जुर्माना, नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्ति को उम्र कैद, नशे से अर्जित संपत्ति को नष्ट या सरकार के अधीन किया जाना आवश्यक है। ऐसा किए जाने से हिमाचल में नशे का कारोबार रुक सकता है। उन्होंने कहा कि नशे पर अंकुश लगाने के लिए कई कमेटियां भी बनाई हैं। पुलिस की ओर से नशे के खिलाफ अभियान चलाए गए हैं।
विधायक अपने प्रभाव का इस्तेमाल न करें
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नशा बेचने वाले व्यक्ति को पकड़े जाने पर विधायक व चुने हुए जनप्रतिनिधि पुलिस अधिकारियों व थाना प्रभारियों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल न करें। चिट्टा मैदानी इलाकों के अलावा पहाड़ों पर चढ़ गया है। यह बड़ा मामला है। ऐसे में विपक्ष सदन में होता तो उनके सुझाव में इसमें लिए जा सकते थे।
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भर्तियों में धांधलियों के नाम से जानी जाएगी भाजपा सरकार : मुकेश
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय भर्तियों में धांधलियां हुई हैं। भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता का मामला सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में ही नहीं, बल्कि पुलिस कांस्टेबल पेपर लीक, हिमाचल कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर में भी देखने को मिला है। अग्निहोत्री ने यह जानकारी विधायक चंद्रशेखर की ओर से सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में हुई भर्ती अनियमितता मामला उठाने के दौरान दी। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल को भर्तियों में हुई धांधली के नाम से याद रखा जाएगा। वहीं, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकार मंडी विश्वविद्यालय में हुई भर्तियों में अनियमितता पर कार्रवाई करेगी। पीएमओ से भी शिकायत की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोमवार को इस मामले को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया।
विधायक चंद्रशेखर ने सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में हुई भर्ती मामले की विजिलेंस जांच कराने की मांग की। आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में पदों को बेचा गया, जिसमें संगठन विशेष को तरजीह दी गई। इस मामले में बड़े स्तर पर ट्रांजेक्शन हुई है। उन्होंने इस मामले में भाजपा से संबंधित छात्र संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का भी उल्लेख किया। यहां तक कि टीजीटी स्तर के शिक्षक को असिस्टेंट प्रोफेसर लगाया गया। कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया और हरीश जनारथा ने भी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए। केवल पठानिया ने पूर्व भाजपा सरकार के समय में मंडी विश्वविद्यालय के अलावा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला, कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में की गईं भर्तियों की भी विजिलेंस से जांच करवाए जाने की मांग की। जनारथा ने कहा कि कार्यकारी परिषद की बैठक 6 अप्रैल को होनी है, जिसमें इस मामले का संज्ञान लिया जाएगा।
मछली उत्पादन में आ रही कमी के कारणों की करेंगे जांच : मुकेश
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि प्रदेश में मछली उत्पादन में आ रही कमी के कारणों की जांच की जाएगी। मंगलवार को विधानसभा सदन में प्रश्नकाल के दौरान विधायक देवेंद्र कुमार भुटटो ने कहा कि प्रदेश में मछलियां नहीं मिल रही हैं। इस मामले में भ्रष्टाचार हो रहा है। इसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जलाशयों में बीज डालने की प्रक्रिया को जांचा जाना चाहिए।
आंगनबाड़ी सहायिका, कार्यकर्ता के साक्षात्कार के लिए घटेगी आय सीमा : शांडिल
प्रदेश में आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ता के साक्षात्कार के लिए आय सीमा को घटाया जाएगा। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनीराम शांडिल ने प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायकों के शोरशराबे के बीच कहा कि यह मामला विचाराधीन है। जल्द फैसला लिया जाएगा। कांग्रेस विधायक संजय रत्न ने मामला उठाते हुए कहा कि इन वर्ग के लिए वार्षिक आय सीमा को बढ़ाकर 50 हजार रुपये करना चाहिए। अभी यह आय सीमा 35 हजार रुपये सालाना है।
परवाणू से सोलन तक ब्लैक स्पॉट तलाशने का केंद्र से उठाया मामला : विक्रमादित्य
लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि परवाणू से सोलन तक नेशनल हाईवे पर ब्लैक स्पॉट तलाशने और फुटपाथ बनाने का केंद्र सरकार से मामला उठाया गया है। मंगलवार को ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजा गया है। कांग्रेस विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने मामला उठाते हुए कहा कि ब्लैक स्पॉट चिह्नित नहीं होने से क्षेत्र में कई दुर्घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने फुटपाथ और ड्रेनेज बनाने की मांग भी रखी। ब्यूरो
भोटी, कांगड़ी, चंबियाली व मंडियाली भाषा को रखेंगे सुरक्षित : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि भोटी, कांगड़ी, चंबयाली व मंडियाली भाषा को सुरक्षित रखने के लिए सरकार प्रयासरत है। भोटी शिक्षकों का मानदेय वर्ष 2017 में बढ़ा था। इसे और बढ़ाने के लिए विचार किया जाएगा। कांग्रेस विधायक रवि ठाकुर ने सवाल करते हुए कहा कि भोटी भाषा बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए जरूरी है। भोटी भाषा शिक्षकों को कम वेतन मिल रहा है।
भाजपा ने 2018 में डिनोटिफाई किया डीएसपी आफिस जयसिंहपुर
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक यादवेंद्र गोमा ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय में वर्ष 2018 में डीएसपी आफिस जयसिंहपुर को डिनोटिफाई किया गया। पूर्व की कांग्रेस सरकार ने इस आफिस को खोलने की मंजूरी दी थी। जवाब में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि इस मामले पर विचार किया जाएगा।
धर्मशाला में केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए चयनित भूमि निरस्त नहीं
केंद्रीय विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर के लिए जदरांगल, धर्मशाला में चयनित भूमि को निरस्त नहीं किया गया है। 24-51-09 हेक्टेयर गैर वन भूमि विश्वविद्यालय के नाम हस्तांतरित की गई है। इसके अलावा 280 हेक्टेयर वन भूमि केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए चयनित की गई थी। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने यह जानकारी कांग्रेस विधायक सुधीर शर्मा की ओर से नियम - 62 के तहत लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान दी।
रोहित ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर की स्थापना के लिए वन सलाहकार समिति, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की 27 जनवरी, 2023 को संयुक्त बैठक हुई है। इसमें चयनित वन भूमि पर कुछ आपत्तियां लगाई गईं। इन आपत्तियों को दूर किया जा रहा है। जहां तक परिसर के निर्माण की बात है तो केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से फाॅरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद इसे भी शुरू कर दिया जाएगा।