बौद्ध भिक्षुणी हिशे ने बराक ओबामा से किया सीधा संवाद, 16 साल की आयु में त्यागा घर
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धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए घर तक छोड़ने वाली बौद्ध भिक्षुणी 28 वर्षीय जिग्मे हिशे लामो एकाएक सुर्खियों में आ गई हैं। देश के चुनिंदा 280 प्रतिभावान युवाओं में शामिल हिशे लामो को टाउन हॉल दिल्ली में ओबामा फाउंडेशन की ओर से आयोजित इंडिया विद प्रेजिडेंट बराक ओबामा कार्यक्रम में शरीक होने का मौका मिला।
कार्यक्रम में बौद्ध भिक्षुणी हिशे ने बराक ओबामा से सीधा संवाद किया और प्रश्न पूछे। हिशे पिछले कई सालों से मानवता के उद्धार और पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में सराहनीय काम कर रही एक संस्था से जुड़ी हैं।
बराक ओबामा फाउंडेशन दुनिया भर में युवा पीढ़ी में नेतृत्व क्षमता पैदा करने की दिशा में काम कर रही है। कार्यक्रम में भारत और दुनिया की भविष्य को लेकर बराक ओबामा ने युवा पीढ़ी से खुलकर बात की।
हिशे ने बराक ओबामा से सवाल किया कि युवा पीढ़ी किस तरह देश के बेहतर भविष्य के लिए अपना योगदान दे सकता है? जिस पर ओबामा ने कहा कि किसी भी राष्ट्रीय का बेहतर भविष्य युवाओं के कंधों पर टिकी है।
ओबामा के कहे शब्द बेहद प्रेरणादायक लगे
महिलाओं को पुरुषों के बराबर हर क्षेत्र में समान अधिकार और मौका मिलना चाहिए। किसी देश ओर संस्था को नेतृत्व के लिए नेक्स्ट जनरेशन पर फोकस करना चाहिए। हिशे ने बताया कि ओबामा के कहे यह शब्द बेहद प्रेरणादायक लगे।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देशभर से करीब 1 लाख युवाओं ने ओबामा फाउंडेशन को ऑनलाइन आवेदन भेजे थे, लेकिन छंटनी के बाद महज 280 युवाओं को बराक ओबामा से रूबरू होने का मौका दिया गया।
इसमें बौद्ध धर्म के चार संप्रदाय में से एक ड्रूग्पा शाखा को मानने वाली हिशे लामो हिमाचल की इकलौती युवा थी। मूलतया लाहौल-स्पीति के गौंधला क्षेत्र के सकर गांव की रहनी वाली हिशे लामो ने 16 साल की उम्र में बुद्ध के लिए अपना घर त्याग दिया।
वह पिछले 16 सालों से नेपाल के काठमांडू स्थित ड्रग्पा सेक्टर के अमितावा बौद्ध मठ में शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। हिशे ने बताया कि बराक ओबामा फाउंडेशन में देश भर के 282 युवाओं में शामिल होकर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है।