Rohtang Pass: बर्फ की 15 फीट ऊंची दीवारों को चीर रोहतांग की ओर बढ़ा बीआरओ, इसी माह खुलने के आसार
बीआरओ की मानें तो कई जगह पांच तो कहीं दस फीट तक बर्फ की दीवार बन रही है। ऐसे में बर्फ हटाने का कार्य भी चुनौती पूर्ण बना हुआ है। बीआरओ के कमांडर शवरिश वाचली ने बताया कि लगभग दस किलोमीटर क्षेत्र से बर्फ हटाने का कार्य शेष रहा है।
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देशी-विदेशी सैलानियों की पहली पसंद रोहतांग दर्रा इसी सप्ताह वाहनों की आवाजाही के लिए खुल सकता है। मढ़ी और कोकसर दोनों ओर से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम पांच से 15 फीट ऊंची बर्फ दीवारों को चीरते हुए रोहतांग टॉप की ओर बढ़ रही है। लगभग एक सप्ताह के भीतर बीआरओ दोनों ओर से रोहतांग तक पहुंच जाएगी। बीआरओ की मानें तो फिलहाल महज दस किलोमीटर क्षेत्र से बर्फ हटाने का कार्य शेष रह गया है।
बर्फ हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। हालांकि, पर्यटकों के लिए रोहतांग बहाल होने में अभी वक्त लगेगा। जून के प्रथम सप्ताह तक रोहतांग पर्यटकों के लिए बहाल हो सकता है। समुद्रतल से 13050 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा खुलने का देशी-विदेशी पर्यटकों सहित पर्यटन कारोबारियों को भी बेसब्री से इंतजार है। मनाली में सैर-सपाटे के लिए आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद रोहतांग दर्रा है।
सीमा सड़क संगठन ने भी रोहतांग दर्रा बहाल करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। एक टीम ने कोकसर तो दूसरी टीम ने मनाली से बर्फ हटाने का कार्य शुरू किया है। मनाली से टीम मढ़ी को पार कर राहनीनाला से आगे निकल गई है। ज्यों-ज्यों बीआरओ की टीम आगे बढ़ रही है, बर्फ की परत भी मोटी हो रही है। रोहतांग और इसके आसपास दस से 15 फीट तक बर्फ होने की संभावना है।
बीआरओ की मानें तो कई जगह पांच तो कहीं दस फीट तक बर्फ की दीवार बन रही है। ऐसे में बर्फ हटाने का कार्य भी चुनौती पूर्ण बना हुआ है। बीआरओ के कमांडर शवरिश वाचली ने बताया कि लगभग दस किलोमीटर क्षेत्र से बर्फ हटाने का कार्य शेष रहा है। एक सप्ताह के भीतर यह कार्य भी पूरा हो जाएगा। बशर्ते, मौसम साथ दे। इसके बाद रोहतांग दर्रा बहाल हो सकता है।
उपायुक्त जारी करेंगे रोहतांग बहाली की अधिसूचना
कोकसर और मनाली की ओर से बर्फ हटाने में जुटी दोनों टीमें रोहतांग टॉप के आसपास आपस में मिल जाएंगी। दोनों ओर से सड़क पूरी तरह खुल जाने के बाद बीआरओ, मनाली प्रशासन और पुलिस की टीम संयुक्त रूप से सड़क का निरीक्षण करेगी।
निरीक्षण के दौरान सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए सही पाई गई तो पर्यटकों को रोहतांग दर्रा जाने की अनुमति दी जाएगी। उपायुक्त कुल्लू इसकी बाकायदा अधिसूचना जारी करेंगे। एनजीटी के आदेशानुसार ऑनलाइन परमिट हासिल करने के बाद ही वाहन इस मार्ग पर जा सकेंगे। फिलहाल पर्यटकों को मढ़ी तक जाने की अनुमति दी गई है।
दूसरे दिन दोगुना से ज्यादा 661 पर्यटक वाहन पहुंचे मढ़ी
सैर-सपाटे के लिए मनाली पहुंचे पर्यटकों में रोहतांग की वादियों में जाने का रुझान अधिक है। रोहतांग मार्ग मढ़ी तक बहाल होने के बाद पर्यटकों का रुझान इस ओर मुड़ गया है। इससे अटल टनल रोहतांग होकर कोकसर की ओर जाने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी दर्ज की जा रही है। पर्यटकों के लिए बहाल होने के बाद शनिवार को दूसरे दिन मढ़ी में पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या पहले दिन की अपेक्षा दोगुना से भी अधिक दर्ज की गई। पहले दिन करीब 300 वाहन मढ़ी पहुंचे थे। दूसरे दिन यह आंकड़ा 661 पहुंच गया। मढ़ी जाने के लिए 848 वाहनों के ऑनलाइन परमिट जारी किए गए थे। गुलाबा से ब्यास नाला और मढ़ी तक पर्यटक बर्फ का आनंद ले रहे हैं। प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मढ़ी बहाल होते ही पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज होनी शुरू हो गई है। मढ़ी बहाल होने के पहले दिन मढ़ी में करीब 300 पर्यटक वाहन पहुंचे थे।
दूसरे दिन यह संख्या 661 दर्ज की गई। आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। मढ़ी में बर्फ के बीच पर्यटक जमकर मस्ती कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अटल टनल रोहतांग से होकर पर्यटक कोकसर की वादियों का भी मजा ले रहे हैं। कोकसर में बर्फ के बीच पर्यटक शीतकालीन खेलों का लुत्फ ले रहे हैं। दो दिन पहले कुल्लू प्रशासन ने पर्यटन स्थल मढ़ी पर्यटकों के लिए बहाल किया है। एनजीटी के आदेशानुसार ऑनलाइन परमिट हासिल कर पर्यटक वाहन मढ़ी पहुंचने शुरू हो गए हैं। एसडीएम मनाली रमण कुमार शर्मा ने बताया कि मढ़ी बहाल होने के बाद ऑन लाइन परमिट की साइट भी खोल दी गई है। पहले दिन करीब 300 वाहन मढ़ी गए थे। दूसरे दिन यह आंकड़ा 661 पहुंच गया। आने वाले दिनों में इस संख्या में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।