फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Bridge not built, facility not available, contractor sent a bill of Rs 2.80 crore

Shimla News: ब्रिज बना न मिली सुविधा, ठेकेदार ने भेज दिया 2.80 करोड़ का बिल

Fri, 24 Nov 2023 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Nov 2023 11:59 PM IST
विज्ञापन
Bridge not built, facility not available, contractor
sent a bill of Rs 2.80 crore
अमर उजाला एक्सक्लूसिव..
विज्ञापन

लिफ्ट के पास बनना था केबल ब्रिज, सरकार ने बंद करवा दिया काम, अब ठेकेदार ने मांगा अपना खर्चा
बिना काम के कैसे करें भुगतान, बिल देखकर अधिकारी हैैरान
अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में लिफ्ट के पास लोगों की सुविधा के लिए बनने वाला केबल ओवरब्रिज धरातल पर तो नहीं उतरा लेकिन इसका काम जिस ठेकेदार ने लिया था उसने 2.80 करोड़ रुपये का बिल रोपवे कार्पोरेशन को थमा दिया है।

बिना काम के इतना भारी भरकम बिल देखकर कारपोरेशन अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। यह पैसा कौन देगा, इस पर कारपोरेशन से लेकर सचिवालय तक माथापच्ची चल रही है। कारपोरेशन ने यह बिल अब स्मार्ट सिटी प्रबंधन को भेज दिया है। अधिकारी जानते हैं कि ठेकेदार को यह पैसा देना ही पड़ेगा। यदि पैसा नहीं दिया तो मामला अदालत तक जा सकता है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लिफ्ट के पास करीब छह करोड़ रुपये से ओवरब्रिज का निर्माण होना था। रोपवे कारपोरेशन को इस ब्रिज के निर्माण का जिम्मा दिया था। कारपोरेशन ने इसका डिजाइन तैयार करवाकर काम ठेकेदार को सौंप दिया। इस ब्रिज के बनने से लोगों को सड़क पार करने की सुविधा मिलनी थी।
विज्ञापन




पिल्लर खड़े किए, रैंप भी किया तैयार, फिर सब बेकार
ठेकेदार ने इस साल की शुरुआत में ही डिजाइन के अनुसार मौके पर निर्माण कार्य शुरू किया था। इसके लिए सड़क पर लोहे के तीन बड़े पिल्लर लगाए गए। इसके उपर लगने वाला रैंप भी लगभग तैयार करवा दिया था लेकिन इसी बीच सरकार की आपत्ति पर इसका काम रोक दिया गया। आपत्ति इसलिए थी क्योंकि इसका एक पिल्लर सड़क पर आ रहा था जिससे यातायात बाधित हो सकता था। आपत्ति के बाद इसका काम बंद कर हो गया और तीनों पिल्लर भी सड़क से उखाड़ दिए। ठेकेदार का तर्क है कि कई हफ्ते तक न सिर्फ मौके पर काम हुआ बल्कि तैयार किया लोहे का भारी भरकम स्ट्रक्चर भी बेकार हो गया। ऐसे में इसका खर्च दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन




प्रबंध निदेशक के लौटने का इंतजार : एजीएम
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक गोपाल चंद इन दिनों मध्यप्रदेश में चुनावी ड्यूटी में हैं। ऐसे में बिल देने पर अभी फैसला नहीं हुआ है। एजीएम बह्मप्रकाश ने कहा कि केबल ओवरब्रिज को लेकर रोपवे कारपोरेशन से जो बिल आया है, उस पर प्रबंध निदेशक के लौटने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article