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हद हो गई, बस की ब्रेक फेल फिर भी चढ़ा दी 50 सवारियां

Fri, 11 Apr 2014 09:35 AM IST
Updated Fri, 11 Apr 2014 09:35 AM IST
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Brakes failed in HRTC bus at shimla

एचआरटीसी बसों में यात्रियों की जान जोखिम में डाली जा रही है। लगातार हो रहे बस हादसों से भी एचआरटीसी प्रबंधन सबक नहीं ले रहा।

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रूटों पर जीरो बुक वैल्यू वाली बसें भेजकर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। वीरवार सुबह बाघी से शिमला आ रही एचआरटीसी बस (एचपी-07-5294) की ब्रेक फेल होने के बावजूद यात्रियों को बस में चढ़ाया गया।

बस सुबह 9:45 बजे ढली पहुंची इसके बाद संजौली, निगम बिहार और छोटा शिमला में यात्रियों को बस में चढ़ाया गया। बस का चालक बस में आई तकनीकी खामी भांप चुका था इसलिए संजौली में बस का बोर्ड भी हटा दिया गया।

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निगम विहार के पास उतार दी सवारियां

Brakes failed in HRTC bus at shimla

निगम बिहार के पास एकाएक चालक ने मोड़ पर बस रोकी और यह कहते हुए कि ‘बस की ब्रेक फेल हो गई है।’

यात्रियों को आगे चल रही शिमला ग्रामीण डिपो की बस में चढ़ने के लिए कह दिया। अफरातफरी में यात्री भी बस से उतर गए। यात्रियों का कहना था कि जब बस में खराबी है तो यात्रियों को बस में नहीं चढ़ाया जाना चाहिए था।

लापरवाही के कारण बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी। मामले को लेकर जब एचआरटीसी तारादेवी डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक ख्याली राम होटा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि छोटा शिमला के पास बस का प्रेशर डाउन हो गया था।

बस को तुरंत वर्कशाप लाकर इसकी मरम्मत करवा दी गई है।

तारा देवी डिपो में 31 जीरो बुक वैल्यू बसें

Brakes failed in HRTC bus at shimla

एचआरटीसी तारादेवी डिपो में 31 जीरो बुक वैल्यू बसें हैं। यह बसें कागजों में निर्धारित क्षमता के अनुसार दूरी (किलोमीटर) तय कर चुकी हैं।

नई बसों की कमी के कारण आयु पूरी कर चुकी बसें रूटों पर चलाई जा रही हैं। तारादेवी डिपो को मिली सिर्फ नौ नई बसें एचआरटीसी द्वारा खरीदी गई नई बसों में से तारादेवी डिपो को मात्र नौ नई बसें ही मिल पाई हैं।

डिपो प्रबंधन नई बसों को कमाई वाले लांग रूटों पर चला रहा है। अन्य रूटों पर पुरानी और जीरो बुक वैल्यू वाली खटारा बसें चल रही हैं।

वहीं ऊपरी शिमला से ऑफिस आवर में राजधानी पहुंचने वाली तारादेवी डिपो की बाघी, भाज और पुड़ग बसें रोजाना देरी से शिमला पहुंचती हैं। इन रूटों पर खटारा बसें चलने के कारण रोजाना यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

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