पंचायत में सहमति न बनी तो इस तरह से चुने जाएंगे बीपीएल परिवार
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प्रदेश में बीपीएल एवं अति निर्धन परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए सरकार ने कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत पंचायत में सहमति नहीं बनने पर लकी ड्रा से बीपीएल परिवारों का चयन किया जाएगा। सूबे के समस्त विकास खंडों में पंचायत वार करीब 95 हजार बीपीएल परिवारों की सूची इस माह के अंत तक तैयार की जा रही है।
सरकार की कार्ययोजना से लाभान्वित होने के लिए बीपीएल परिवारों का चयन 2002 बीपीएल जनगणना में अपनाए गए मापदंड (स्कोर बेस्ड रैंकिंग) के अंकों के आधार पर किया जाएगा। ऐसे में यदि एक से अधिक बीपीएल परिवारों को प्राप्त स्कोर समान हैं तो इस स्थिति में परिवार में कोई दिव्यांग, विधवा, एकल नारी होने पर प्राथमिकता दी जाएगी।
दूसरी तरफ, बीपीएल परिवार के लिए सहमति बनती है तो पंचायत की ओर बीपीएल परिवारों का चयन किया जाएगा। इसके अलावा बीपीएल परिवार के लिए सहमति न बनी तो पंचायतों में लकी ड्रा के माध्यम से बीपीएल परिवारों को चयन किया जाएगा।
प्रदेश के करीब 2 लाख 82 हजार 370 बीपीएल परिवारों में से 95 हजार का आंकड़ा जिला स्तर और खंड स्तर का होगा। प्रदेश स्तर पर बीपीएल के कुल अधिकतम निर्धारित संख्या के विरुद्ध जिलों के अनुपात अनुसार निश्चित करेगा, जबकि पंचायत वार संख्या खंड स्तर पर की जाएगी। इसके बाद करीब 95 हजार परिवारों को कार्ययोजना मेें जोड़ा जाएगा।
केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं में दी जाएगी प्राथमिकता
इन हजारों परिवारों को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री ग्राम कौशल योजना से लाभान्वित किया जाएगा। 14 वित्त आयोग, सीएम लोक भवन योजना कार्य में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसके अलावा डडीयू-जीकेवाई, आरएसईटीआई योजनाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा।