नसीरुद्दीन शाह ने भारतीय सिनेमा पर दिया बेहद चौंकाने वाला बयान
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बॉलीवुड के प्रख्यात अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि हमारे देश में प्ले और स्क्रीन राइटिंग का आज अभाव है। चुराई गई फिल्में देश में बनती हैं। भारतीय सिनेमा आज कचरा परोस रहा है। दर्जनों फिल्में शेक्सपियर के आइडिया पर आधारित हैं। कुछ कहानियां पुरानी फिल्मों से चुराई जा रही हैं।
उन्होंने हाल ही में रिलीज दो फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे पार पाने के लिए दर्शकों को खराब फिल्मों का विरोध करना होगा। नसीरूदीन शाह ने कहा कि उनकी कोई फिल्म बनाने की इच्छा नहीं है। कुछ महीने पहले दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना पर बयान देकर विवादों में फंसे बॉलीवुड के प्रख्यात अभिनेता नसीरूदीन शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में कहा कि मोदी मुझे कुछ नहीं लगते।
धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में शिरकत करने पहुंचे अभिनेता नसीरूदीन शाह मीडिया के प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उनसे पूछा गया कि बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेप प्रधानमंत्री मोदी के बड़े प्रशंसक हैं। तो आपको मोदी कैसे लगते है। इस प्रश्न के जवाब में नसीरूदीन शाह ने एक लाइन में कहा कि मोदी मुझे कुछ नहीं लगते।
बोले- मुझे आता है गुस्सा जब दर्शक देखते हैं खराब फिल्में
दो पाकिस्तानी फिल्मों में काम कर चुके नसीरूदीन शाह से पूछा गया कि अगर वर्तमान में उन्हें पाकिस्तानी फिल्म में काम करने का आफर मिलता है तो वह क्या इसे स्वीकार करेंगे। इसके जवाब में नसीरुद्दीन शाह कहा कि परिस्थितियों एवं हालात के मुताबिक ही कोई फैसला वह लेंगे।
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि अगर भारत सरकार भारतीय कलाकारों को पाकिस्तानी फिल्मों में काम करने के लिए मना कर दे तो इस पर उन्होंने कहा कि वह सरकार के निर्णय के साथ चलेंगे। एक प्रश्न के जवाब में नसीरूदीन शाह ने कहा कि पेंटिंग और म्यूजिक अभिनय से ज्यादा मुश्किल है। उन्होंने कहा कि कामर्शियल इंस्डट्री पर मुझे गुस्सा आता है। उन्होंने कहा कि दर्शक खराब फिल्में भी देख लेते हैं जिससे न चलने वाली फिल्में भी चल जाती हैं।
हिमाचल में तालीम के लिए बुलाया तो जरूर आऊंगा
नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि वह धर्मशाला में पहली बार आएं हैं। धर्मशाला अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव कलाकारों को प्रोत्साहित करने वाला उत्सव है। उन्होंने कहा कि कलाकारों के उत्थान के लिए राज्य सरकारों को सहायता करनी चाहिए। हिमाचल के कलाकारों की मदद पर पूछे गए प्रश्न के जवाव में शाह ने कहा कि हिमाचल में मुझे आज तक नहीं बुलाया गया।
अगर मुझे यहां तालीम देने के लिए बुलाया जाता है तो मैं जरूर आऊंगा। हिमाचल में थियेटर की कमी पर उन्होंने कहा कि थियेटर पैसे से नहीं बल्कि सुनने और सुनाने वाले से बनता है। इसके लिए सिर्फ अभिनेता और स्क्रिप्ट चाहिए। बाकी कुछ नहीं।