चार बार दिया ऑडिशन, नहीं मिला था एनएसडी में दाखिला : मनोज वाजपेयी
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अभिनेता मनोज वाजपेयी ने कहा कि एनएसडी (नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा) में लाख कोशिशों के बाद भी उन्हें प्रवेश नहीं मिला था। चार बार एनएसडी के लिए ऑडिशन दिया था। इसके बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस महाविद्यालय से पढ़ाई करते हुए थियेटर शुरू किया।
विभिन्न ड्रामाटिकल क्लब से भी जुड़े। डिफ (धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल) में आए अभिनेता मनोज वाजपेयी ने बताया कि बचपन में वह अपने पिता के साथ फिल्में देखा करते थे। उसी से उन्हें अभिनय में रुचि पैदा हुई।
डिफ में अभिनेता मनोज वाजपेयी की भौंसले का प्रसारण किया गया, जो शीघ्र ही बड़े पर्दे पर रिलीज होगी। देवाशीष मखिजा के निर्देशन में बनी यह फिल्म 133 मिनट की है। इसमें मनोज वाजपेयी मुख्य भूमिका अदा कर रहे हैं।
डिफ में छाई पहाड़ी फिल्म
मनोज वाजपेयी ने साल 1994 में शेखर कपूर की निर्देशन में बनी बैंडिट क्वीन से अपने कॅरियर की शुरुआत की। डिफ में फिल्म लेखक असीम छाबरा ने मनोज वाजपेयी एडं द आर्ट ऑफ एक्टिंग कार्यक्रम में उनके साथ बीतचीत की।
इस दौरान मनोज वाजपेयी ने अभिनय में आने से पहले उनके परिश्रम और अभिनय के क्षेत्र में अपने अनुभव सांझा किए। शुक्रवार को डिफ के दूसरे दिन तीन स्क्रीनस में करीब एक दर्जन फिल्मों का प्रसारण किया गया। इसमें हिमाचल के सिद्घार्थ चौहान के निर्देशन में बनी पाशी फिल्म का भी प्रसारण किया गया।
हिमाचल के दुर्गम गांव में युवक की इच्छाओं और उसके संघर्ष पर आधारित 32 मिनट की फिल्म के निर्देश सिद्धार्थ शिमला के रहने वाले हैं, जबकि 2015 में ब्वॉयज डोंट वीयर नेल्स पोलिस और 2015 में पापा फिल्म बना चुके हैं।