केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से उपमा नहीं लौटीं तो क्या ये होंगे मुख्य सचिव?
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मुख्य सचिव पद के लिए वरिष्ठता के लिहाज से अब तक सबसे सशक्त दावेदार मानी जाती रहीं उपमा चौधरी अगर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से नहीं लौट पाईं तो क्या अगले मुख्य सचिव बीके अग्रवाल होंगे? अगर ऐसा होता है तो पिछली सरकार की तरह इतिहास दोहराएगा।
वीसी फारका भी ऐसे ही कई अधिकारियों को सुपरसीड कर मुख्य सचिव बनाए गए थे। दरअसल मुख्यमंत्री कार्यालय ने उपमा चौधरी को हिमाचल बुलाने के लिए चिट्ठी भेजी है कि नहीं। यह रहस्य बना हुआ है। 30 सितंबर को मुख्य सचिव विनीत चौधरी सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
निर्णय इससे पहले संभव है। मौजूदा सीएस विनीत चौधरी 1982 बैच में अकेले वरिष्ठ अधिकारी हैं। उनके बाद 1983 बैच में वरिष्ठता सूची में सबसे ऊपर उपमा चौधरी हैं। उपमा विनीत चौधरी की पत्नी हैं। वह लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी में निदेशक हैं।
वरिष्ठता में उनके बाद तीन अधिकारी हैं। ये एआर सिहाग, वीसी फारका और भारती एस सिहाग हैं। वीरभद्र सरकार में मुख्य सचिव रहे वीसी फारका को जयराम सरकार ने सत्ता में आने पर इस पद से हटा दिया था और वह तबसे प्रधान सलाहकार जनशिकायत निवारण हैं। सिहाग दंपती भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं।
1984 बैच में दो अन्य अधिकारी तरुण श्रीधर और अरविंद मेहता हैं। ये दोनों भी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। 1985 बैच में चार आईएएस अधिकारी हैं। इनमें सबसे ज्यादा वरिष्ठ बीके अग्रवाल हैं। अग्रवाल हिमाचल सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह और स्वास्थ्य नियुक्त हैं।
इसी बैच में अग्रवाल के बाद डा. श्रीकांत बाल्दी आते हैं जो मौजूदा वक्त में अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव मुख्यमंत्री हैं। इसी बैच में दो अन्य अधिकारी संजीव गुप्ता और मनीषा नंदा हैं। इनमें संजीव गुप्ता केंद्र में सेवारत हैं। मनीषा नंदा अतिरिक्त मुख्य सचिव लोेक निर्माण और राजस्व हैं।