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17 एससी आरक्षित सीटों में इतने पर भाजपा ने जीत का लहराया परचम
हरीश चंद्र/अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Wed, 20 Dec 2017 02:01 PM IST
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गुजरात में जहां पूरा विधानसभा चुनाव कांग्रेस और भाजपा ने जातिगत आधार पर लड़ा। वहीं, दूसरी ओर हिमाचल में इसका कोई असर नहीं दिखा। सूबे की 68 विधानसभा क्षेत्र में 17 सीटें अनुसूचित वर्ग के लिए आरक्षित हैं।
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इसमें भाजपा ने 13 सीटों पर जीत दर्ज की है। सिर्फ चार एससी आरक्षित सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं।
कांग्रेस ने एससी आरक्षित सीट पर रोहड़ू, रामपुर, सोलन और रेणुका में जीत दर्ज की है। वहीं, भाजपा नाचन, करसोग, बल्ह, पच्छाद, कसौली, आनी, इंदौरा, बैजनाथ, जयसिंहपुर, भोरंज, चिंतपूर्णी, चुराह और झंड़ूता सीट पर जीती।
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वहीं, सूबे की तीन जनजातीय सीटों में से भी दो पर कमल खिला है। सिर्फ किन्नौर की सीट भाजपा 120 वोट से हारी है। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सिर्फ 17 में से पांच एससी आरक्षित सीटें पर ही जीती थी।
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इस बार भाजपा को आठ सीटों का इजाफा हुआ है। कांग्रेस एससी आरक्षित की जीती 12 सीटों में से सिर्फ चार सीट बचाने में कामयाब रही है।
दलित सम्मेलनों का मिला फायदा
भाजपा के एससी मोर्चा ने सूबे के हर विधानसभा क्षेत्र में चुनावी वर्ष में दलित सम्मेलनों का आयोजन किया था। इसमें सिर्फ एससी वर्ग से जुड़े कार्यकर्ताओं और लोगों को बुलाया गया था।
सभी विधानसभा में बड़े स्तर पर सम्मेलन करवाए गए थे, जिसका भाजपा का चुनावों में फायदा हुआ है।