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Himachal: केंद्र के खिलाफ अपमानजनक शब्दों के इस्तेमाल पर सर्वदलीय बैठक का भाजपा ने किया बहिष्कार

Fri, 13 Feb 2026 05:46 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 13 Feb 2026 05:46 PM IST
सार

केंद्र सरकार के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने के विरोध में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा पार्टी प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल सहित अन्य भाजपा नेता बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। 

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BJP walks out of all party meeting over use of derogatory words against Centre
सर्वदलीय बैठक। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल का राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद किए जाने पर प्रदेश कांग्रेस सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक का  भाजपा ने बहिष्कार कर दिया। केंद्र सरकार के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने के विरोध में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा पार्टी प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल सहित अन्य भाजपा नेता बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। बैठक के दौरान भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आपत्ति दर्ज कराई कि कुछ वक्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के संदर्भ में अनुचित और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। भाजपा ने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा और संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी है। इसी विषय पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने बैठक बीच में ही छोड़ दी। बिंदल ने कहा कि बैठक में भाजपा ने प्रदेश के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए अपना तथ्यात्मक और विस्तृत पक्ष रखा।

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बिंदल ने कहा कि हिमाचल का विकास सभी दलों की साझा जिम्मेदारी है। भाजपा ने सत्ता में और विपक्ष में रहते हुए हमेशा प्रदेश हित को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए लगभग 40 महीने हो चुके हैं। पूर्ण बहुमत होने के बावजूद अपनी वित्तीय विफलताओं का ठीकरा केंद्र सरकार और भाजपा पर फोड़ना एक योजनाबद्ध राजनीतिक प्रयास है। राजस्व घाटा अनुदान बंद होना कोई अचानक लिया गया निर्णय नहीं है, बल्कि पूर्व वित्त आयोगों 14वें और 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित था कि यह अनुदान चरणबद्ध रूप से कम होगा और निर्धारित अवधि के बाद समाप्त होगा। ऐसे में इसे नई आपदा के रूप में प्रस्तुत कर जनता को भ्रमित करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जब यह तथ्य वर्षों से ज्ञात था, तो प्रदेश सरकार को समय रहते वैकल्पिक संसाधन सृजन, व्यय नियंत्रण और राजस्व वृद्धि की नीति पर काम करना चाहिए था।

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कहा कि पिछले तीन वर्षों में केंद्र सरकार ने विभिन्न मदों में प्रदेश को बड़ी मात्रा में धनराशि उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022–23 में करीब 50,000 करोड़, वर्ष 2023–24 में करीब 43,000 करोड़, वर्ष 2024–25 व 2025–26 में लगभग 35,000 करोड़ से अधिक राशि अलग-अलग केंद्रीय योजनाओं, टैक्स डिवोल्यूशन, केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं, विश्व बैंक, नाबार्ड, पीएमजीएसवाई और अन्य अवसंरचना मदों के माध्यम से प्रदेश को प्राप्त हुई। उन्होंने यह भी कहा कि टैक्स डिवोल्यूशन में निरंतर वृद्धि हो रही है। जीएसटी कलेक्शन और केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के माध्यम से राज्यों को अधिक संसाधन मिल रहे हैं। इसे नजर अंदाज कर केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाना तथ्यों के विपरीत है। भाजपा की ओर से बिंदल के अलावा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, विधायक रणधीर शर्मा, विनोद कुमार, बलबीर वर्मा, त्रिलोक जम्वाल और प्रदेश मीडिया संयोजक कर्ण नंदा उपस्थित रहे।

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