फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   bjp target cm virbhadra singh on delay of panchayat election in himachal.

'हिमाचल में जानबूझ कर टाले जा रहे हैं पंचायत चुनाव'

Tue, 03 Nov 2015 08:28 PM IST
Updated Tue, 03 Nov 2015 08:28 PM IST
विज्ञापन
bjp target cm virbhadra singh on delay of panchayat election in himachal.

भाजपा प्रदेश महामंत्री रणधीर शर्मा ने सरकार पर पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनाव जानबूझ कर टालने का आरोप लगाया है। कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार, आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई की ओर से एफआईआर दर्ज करने के उपरांत उत्पन्न स्थिति के कारण सरकार चुनाव को लटकाने का प्रयास कर रही है।

विज्ञापन


कहा कि पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने स्वयं नवंबर-दिसंबर में यह चुनाव करवाने की बात कही थी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर मामला दर्ज होने के बाद वे इसे जानबूझ कर आगे खिसकाने का प्रयास कर रहे हैं। शर्मा ने कहा कि पंचायतीराज मंत्री ने पहले कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के माध्यम से चुनाव आरक्षण रोस्टर तय किया। अंतिम समय में कैबिनेट ने इस रोस्टर को खारिज कर मैनुअली तय करने का निर्णय लिया।
विज्ञापन


भाजपा ने इस कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देती है कि अगर आरक्षण रोस्टर पंचायतीराज एक्ट के अनुसार लागू नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। आरोप है कि वीरभद्र सरकार शहरी निकाय के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव प्रत्यक्ष रूप से और पार्टी चुनाव चिन्ह पर इसलिए नहीं करवा रही है, ताकि चुने हुए प्रतिनिधियों पर सरकार दबाव डाल कर कांग्रेस के लोगों को इन पदों पर बैठाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंत्री और अधिकारियों की तालमेल की कमी से बढ़ी दिक्कतें

bjp target cm virbhadra singh on delay of panchayat election in himachal.

वहीं, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व पंचायतीराज मंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतीराज संस्थाओं और स्थानीय शहरी निकायों के चुनाव के साथ भद्दा मजाक कर रही है। यदि संविधान में 73वां एवं 74वां संशोधन न हुआ होता और इन संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा न मिला होता तो शायद ही प्रदेश की वर्तमान सरकार प्रदेश में इन संस्थाओं के चुनाव करवाती।

कहा कि पंचायतीराज मंत्री एवं पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों में तालमेल की कमी है। यह कमी भाजपा समय-समय पर उजागर करती रही है। भाजपा कहती रही है कि चुनाव में आरक्षण संबंधी रोस्टर, वार्ड बंदियों एवं चुनाव की तिथियों पर जल्द निर्णय लिया जाए। पंचायतीराज विभाग एवं स्थानीय शहरी निकायों के अधिकारी संविधान के अनुरूप कार्य नहीं कर रहे।

दोनों विभागों की वजह से प्रदेश का चुनाव आयोग जो संविधान के अनुरूप स्वतंत्र संस्था है, पर भी सवालिया निशान लग रहा है। कहा कि प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव के संबंध में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed