'हिमाचल में बंधुआ मजदूरों जैसी है कांग्रेस विधायकों की हालत'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा विधायक रिखीराम कौंडल, विक्रम ठाकुर, कर्नल इंद्र सिंह और बलदेव तोमर ने कहा कि कांग्रेस विधायकों की हालत बंधुआ मजदूरों जैसी हो गई है। युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह के कांग्रेसी विधायकों का रिपोर्ट कार्ड लिखने के बयान पर भाजपा नेताओं ने कहा कि भले ही यह कांग्रेस पार्टी का आंतरिक मामला हो पर उन्हें अपने सहयोगी कांग्रेसी विधायकों की उनकी पार्टी में स्थिति और मनोदशा पर तरस आ रहा है।
मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन करने की उनकी मजबूरी तो समझ में आती है, लेकिन विक्रमादित्य किस अधिकार से कांग्रेसी विधायकों के रिपोर्ट कार्ड लिखेंगे, यह समझ से परे है। भाजपा विधायकों ने कहा कि कांग्रेस विधायकों को इस बात को समझना होगा कि वे इस देश की सबसे पुरानी पार्टी के चुने हुए विधायक हैं।
विधायकी उन्हें किसी की खैरात में नहीं बल्कि जनता ने उन पर विश्वास कर दी है, लेकिन एक भ्रष्ट नेतृत्व के प्रति उनकी चुप्पी ने उन्हें आज इस कदर कमजोर कर दिया है कि भ्रष्टाचार के आरोपों में आकंठ लिप्त एक व्यक्ति उनके रिपोर्ट कार्ड लिखेगा, ऐसी जिल्लत से तो विधायकी छोड़ना ज्यादा बेहतर है।
भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेसी विधायकों में थोड़ा सा भी आत्म सम्मान बचा है तो उन्हें निर्भय होकर मुख्यमंत्री के बेटे से बिना डरे यह पूछना चाहिए कि उनका रिपोर्ट कार्ड लिखने के बजाय वे यह बताएं कि उन्होंने किस तरह से करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई और कैसे लाखों रुपये के शेयर वक्कामुल्ला की कंपनी से खरीदे। महरोली के फार्म हाउस को खरीदने के लिए धन कहां से आया और किसने उनके बैंक खातों में पैसे डाले?
धूमल के खिलाफ याचिका खारिज होने पर भाजपा खुश
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती और मुख्य प्रवक्ता डा. राजीव बिंदल ने सुर्पीम कोर्ट की ओर से नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल के खिलाफ प्रदेश सरकार की याचिका खारिज किए जाने के फैसले पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से प्रदेश सरकार की विपक्षी नेताओं को झूठे आरोपों में फंसाने की राजनीति का भंडाफोड़ हो गया है।
प्रदेश सरकार को इस फैसले से सबक लेते हुए द्वेषात्मक और बदला-बदली की राजनीति का अंत करते हुए प्रदेश के विकास की तरफ ध्यान केंद्रित करना चाहिए। भाजपा नेताओं ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने फैसले में प्रदेश सरकार के खिलाफ गंभीर टिप्पणियां की हैं।
सत्ती ने कहा कि साढ़े तीन वर्षों में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का समय अपने भ्रष्टाचार से लोगों का ध्यान हटाने और विपक्षी नेताओं की छवि को दागदार करने की साजिशों में बीता है। झूठे केसों में विपक्षी नेताओं को उलझाकर जनता में यह संदेश देना चाहते हैं कि भाजपा नेता भी दागदार हैं, लेकिन वे अपनी पूरी कोशिश के बाद भी सफल नहीं हो पा रहे हैं।