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Himachal: प्रेमकुमार धूमल के चुनाव नहीं लड़ने से भाजपा की तस्वीर साफ, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 19 Oct 2022 12:12 PM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, शिमला
सुरेश शांडिल्य, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 19 Oct 2022 12:12 PM IST
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सार
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में धूमल भाजपा से मुख्यमंत्री का चेहरा थे। उस वक्त वह नेता प्रतिपक्ष थे। ऐन चुनाव से पहले उनका निर्वाचन क्षेत्र हमीरपुर से सुजानपुर बदलना ही उनके लिए चुनौती बन गया।
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BJP's new picture cleared due to Premkumar Dhumal not contesting elections
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल के विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने से भाजपा की तस्वीर अब साफ हो चुकी है। इससे भाजपा में धूमल के करीबी नेताओं को जहां निराशा मिली है, वहीं प्रदेश में नए सियासी समीकरण भी बन रहे हैं। किन परिस्थितियों में धूमल ने चुनाव लड़ने से खुद मना किया है, इस पर सियासत के गणितज्ञ अलग-अलग तरीके से जोड़-घटाव कर रहे हैं। हालांकि अब इससे और स्पष्ट हो चुका है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के हाथ में भाजपा हाईकमान ने पूरी चुनावी कमान सौंप दी है। धूमल उम्र ज्यादा होने, परिवारवाद जैसे सिद्धांतों के बैरियरों को पार नहीं कर पाए।  वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में धूमल भाजपा से मुख्यमंत्री का चेहरा थे। उस वक्त वह नेता प्रतिपक्ष थे। ऐन चुनाव से पहले उनका निर्वाचन क्षेत्र हमीरपुर से सुजानपुर बदलना ही उनके लिए चुनौती बन गया।



धूमल को पूरे हिमाचल में प्रचार को वक्त देना था और नए हलके सुजानपुर में वह ज्यादा नहीं जा सके। सुजानपुर में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कभी धूमल के करीबी रहे राजेंद्र राणा को कांग्रेस प्रत्याशी बनाकर चक्रव्यूह बना चुके थे। धूमल के धुआंधार प्रचार और हिमाचल प्रदेश में पांच साल बाद सत्ता बदलने के दशकों से चले आ रहे ट्रेंड के बीच यहां भाजपा तो अच्छे मार्जिन से सत्ता में आ गई, मगर वह खुद चुनाव हार गए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराज से पांचवीं बार चुनाव जीते जयराम ठाकुर पर हाथ रखकर उन्हें मुख्यमंत्री बना लिया। हालांकि, वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में तीसरी बार सांसद बने पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर को पहले वित्त राज्य मंत्री और उसके बाद केंद्र में कैबिनेट मंत्री बनाकर उन्हें संतुष्ट करने का प्रयास किया गया। धूमल के दूसरे बेटे अरुण धूमल को आईपीएल का नया चेयरमैन भी ठीक ऐसे वक्त में बनाया गया, जब विधानसभा चुनाव के लिए

टिकट तय करने को हुई प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में पूर्व सीएम धूमल खुद दिल्ली में भाग ले रहे थे। मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल ने अमर उजाला को बताया कि 75 साल से अधिक उम्र के भाजपा के सिद्धांत का सम्मान करते हुए उन्होंने खुद ही चुनाव लड़ने से इनकार किया है। 

धूमल के बाद कौन होगा नया उम्मीदवार 
शिमला। धूमल चुनाव हारने के बावजूद पिछले पांच साल से सुजानपुर में खासे सक्रिय रहे। हाल ही में उन्होंने वहां एक रैली भी की। वह महिला सम्मेलन, अमृत महोत्सव जैसे बड़े कार्यक्रमों से भी सुजानपुर की सियासत में खूब सक्रिय रहे। उनके रहते वहां से कोई ऐसा नेता उभर नहीं सका, जो प्रत्याशी के तौर प्रभावी स्थान ले सके। भाजपा ऐसे में मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र ठाकुर, जिला परिषद सदस्य एवं मंडल अध्यक्ष रणजीत सिंह जैसे कई नए चेहरों पर दांव खेल सकती है। 

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