केंद्र का हिमाचली चेहरा लाएगा प्रदेश भाजपा के अच्छे दिन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संगठन में काम करने के लिए भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा हिमाचल सरकार में मंत्री पद तक छोड़कर दिल्ली चले गए थे। अब उन्हें इस त्याग का पुरस्कार मिला है और वह हिमाचल सरकार तथा यहां संगठन दोनों के लिए भी मुफीद होंगे।
उनकी इस ताजपोशी के बाद दिल्ली में हिमाचल सरकार और संगठन की खूब चलेगी। पहली बार हुआ है कि हिमाचल मूल के किसी नेता को सतारूढ़ या किसी राष्ट्रीय दल में इतनी बड़ी जिम्मेवारी दी गई है।
छात्र राजनीति के रास्ते सियायत में आए नड्डा ने संगठन के लिए हिमाचल की धूमल सरकार में मंत्री पद तक छोड़ दिया था। आठ साल पहले जब वह वन मंत्री थे तो यह पद छोड़कर राज्य सभा के लिए जाना मंजूर किया। इसके बाद नड्डा को संगठन में बड़ी जिम्मेवारियां मिलती रहीं।
वह राष्ट्रीय महामंत्री बने और कई राज्यों के प्रभारी रहे। इसके बाद पिछली मोदी सरकार में शक्तिशाली केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बने। केंद्रीय मंत्री रहते हुए भी नड्डा का हिमाचल पर बराबर ध्यान बना रहा। वह हिमाचल को कई केंद्रीय योजनाओं का लाभ देने को प्रयासरत रहे।
मोदी के भरोसे पर लगातार खरे उतरते रहे नड्डा
भाजपा विधानसभा चुनाव में जीती तो उन्हें मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में भी आंका जाने लगा। हालांकि, वह केंद्र से वापस नहीं आए। संगठन में भी उनका हस्तक्षेप रहा। केंद्रीय मंत्रियों के साथ वह खुद भी लगातार हिमाचल के दौरे करते रहे।
ऐसे में अब माना जा रहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय प्रमुख की जिम्मेवारी निभाते हुए भी उनका हिमाचल में सरकार और संगठन की गतिविधियों में दखल रहेगा। दोनों ही उनसे इसका जमकर लाभ भी उठाएंगे।
नड्डा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भरोसा जीतने के बाद ही सत्तारूढ़ संगठन के इस सर्वोच्च पद तक पहुंचे हैं। लोकसभा चुनाव से पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उनको उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाकर बहुत बड़ा दायित्व दिया था।
प्रदेश के प्रभावशाली नेताओं के निशाने पर भी रहे, अपनी लीक से नहीं हटे
यूपी में भाजपा की प्रचंड जीत का श्रेय भी मोदी लहर के बावजूद स्वाभाविक रूप से नड्डा के खाते में भी आया। इसका भी उन्हें लाभ हुआ है। छात्र राजनीति के रास्ते हिमाचल की सक्रिय राजनीति में आए जगतप्रकाश नड्डा पहली बार नब्बे के दशक मेें हिमाचल विधानसभा पहुंचे।
फिर वह हिमाचल में स्वास्थ्य, वन जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे। वह प्रदेश भाजपा के भी तत्कालीन प्रभावशाली नेताओं के निशाने पर भी रहे, मगर अपनी लीक से नहीं हटे।
नड्डा को बड़ी जिम्मेवारी देने का खुलासा पहले कर दिया था अमर उजाला ने
अमर उजाला ने नड्डा को बड़ी जिम्मेवारी देने का पहले ही खुलासा कर दिया था। मोदी के करीबी रहते केंद्रीय मंत्रिमंडल में नड्डा के बने नहीं रहने से भी यह बात साफ थी कि उन्हें शाह की सीट मिल सकती है।