Himachal: सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं होंगे भाजपा विधायक, जानिए क्या है वजह
भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि सरकार को अगर बैठक आयोजित करनी है तो इसके लिए अलग से तारीख तय की जाए, जिसकी सूचना समय रहते सभी भाजपा विधायकों को दी जाए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा के विधायक रविवार को सरकार की ओर से प्रस्तावित सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं होंगे। पहले से निर्धारित कार्यक्रमों की व्यस्तता के चलते यह फैसला लिया है। शनिवार को विधायक प्राथमिकता बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने बताया कि कई विधायक शुक्रवार को बैठक के बाद अपने विधानसभा क्षेत्र को लौट गए हैं और कई आज शनिवार को वापस चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा है कि सरकार को अगर बैठक आयोजित करनी है तो इसके लिए अलग से तारीख तय की जाए, जिसकी सूचना समय रहते सभी भाजपा विधायकों को दी जाए। बैठक का बहिष्कार करने की कहीं कोई बात नहीं कही गई है।
भाजपा विधायक राकेश जामवाल ने कहा कि आरडीजी बंद होने के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार जिम्मेवार है। प्रदेश के मुख्यमंत्री की ओर से वित्त आयोग के समक्ष प्रभावी ढंग से अपना पक्ष नहीं रखा गया। सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के चलते यह ग्रांट मिलना बंद हो गई है। उन्होंने कहा कि देश के 17 राज्यों के लिए यह ग्रांट बंद हुई है। कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार ने आरडीजी दिए जाने का विरोध दर्ज करवाया है। विधायक ने कहा प्रदेश में वित्तीय अनुशासन अभी भी नहीं बनाया गया है। जिस दिन आरडीजी बंद हुई, उसके बाद मुख्यमंत्री पांच चेयरमैन नियुक्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों की प्राथमिकताओं पर सरकार की ओर से गाैर नहीं किया गया है। निधि जारी नहीं होने से भाजपा ही नहीं कांग्रेस विधायक भी परेशान हैं।
विधायक प्राथमिकता बैठक केवल औपचारिकता : परमार
विधायक विपिन परमार ने कहा कि भाजपा विधायकों ने विस्तार से प्राथमिकता बैठकों में अपने क्षेत्रों के विकास मुद्दे रखे, लेकिन सरकार की ओर से इसे केवल औपचारिकता के रूप में लिया जा रहा है। जमीनी विकास कार्यों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। सरकार चाहे उद्घाटन का श्रेय ले, लेकिन अधूरी योजनाओं को तुरंत पूरा किया जाए। शनिवार को सचिवालय में बैठक में शामिल होने के बाद विपिन सिंह परमार ने कहा कि कई वर्षों से सड़कों, फ्लो इरिगेशन योजनाओं और पेयजल योजनाओं के लिए धन स्वीकृति का इंतजार है, लेकिन डीपीआर तक तैयार नहीं हो रही। उन्होंने मांग उठाई कि यदि सरकार विधायी प्राथमिकता बैठक कर रही है तो विधायकों की प्राथमिकता किट्टी की राशि बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक क्षेत्र विकास निधि, जो चार किस्तों में जारी होती है और आपदा या आकस्मिक कार्यों के लिए उपयोगी है, उसकी दो किस्तें समाप्त कर दी गई हैं। जो किस्त जारी भी हुई, वह जिलाधीश स्तर से स्वीकृत होने के बावजूद ट्रेजरी से जारी नहीं हो रही।
सीएम सुक्खू और विनय जाएंगे दिल्ली
शिमला। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश के नव नियुक्त जिला अध्यक्षों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और वह स्वयं भी जाएंगे। यह बैठक 10 फरवरी को होगी। बैठक में संगठन सृजन अभियान के तहत पीसीसी, जिला, ब्लॉक अध्यक्ष और कार्यकारिणी का अनुमोदन होने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस माह के अंत तक पीसीसी के गठन की पूरी उम्मीद है। विनय कुमार ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान बंद करने के वित्त आयोग के फैसले से उत्पन्न स्थिति पर विचार करने के लिए सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले पर भाजपा से सहयोग मांगा है।