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भाजपा ने प्रचार के लिए मैदान में उतारे पार्षद, कांग्रेस पर संशय
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पार्षदों को बुधवार तक जुब्बल-कोटखाई पहुंचने के निर्देश, यहां लगेंगी ड्यूटियां
कांग्रेस ने भी तक नहीं बनाया है कोई प्लान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जुब्बल-कोटखाई उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए भाजपा ने अपने पार्षदों को भी चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतार दिया है। जुब्बल और कोटखाई क्षेत्र से संबंध रखने वाले सभी भाजपा पार्षदों को बुधवार सुबह तक जुब्बल पहुंचने को कहा है।
यहां पार्टी के साथ होने वाली बैठक में इन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचार का जिम्मा सौंपा जा सकता है। उधर कांग्रेस ने अभी तक ऐसा कोई प्लान नहीं बनाया है। जुब्बल-कोटखाई से संबंध रखने वाले कांग्रेस पार्षद प्रचार में जाएंगे या नहीं, अभी इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र से संबंध रखने वाले भाजपा में चार पार्षद हैं जबकि कांग्रेस में तीन पार्षद हैं।
भाजपा पार्षदों की अपने गृह क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के साथ चुनाव प्रचार में तैनाती की जा रही है। नगर निगम महापौर सत्या कौंडल को भी कुछ दिन के लिए चुनाव प्रचार के लिए भेजा जा सकता है। इस सीट पर तिकोना मुकाबला हो सकता है। ऐसे में दोनों ही बड़ी पार्टियां प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि प्रचार के लिए पार्टी से अभी निर्देश मिलने हैं।
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उप महापौर से नाराज पार्षद
समर्थन वापस लेने की चर्चा
उप महापौर शैलेंद्र चौहान की चेतन बरागटा के साथ वायरल फोटो से कई भाजपा पार्षद भी नाराज हैं। कुछ पार्षद इस मामले में कार्रवाई तक की मांग कर रहे हैं। पार्षद आरती चौहान ने कहा कि पार्टी के खिलाफ प्रचार करना गलत है। कहा कि भाजपा पार्षदों के समर्थन से ही शैलेंद्र चौहान डिप्टी मेयर बने हैं। पार्टी प्रत्याशी का साथ न देने पर कुछ पार्षद उनसे समर्थन वापस भी ले सकते हैं।
नगर निगम सदन पर भी संशय
चुनाव आयोग से सदन बुलाने की मंजूरी मिलने के बावजूद अभी इस पर संशय बना हुआ है। मेयर समेत पार्षदों की चुनाव में तैनाती होने से नगर निगम की मासिक बैठक की तारीख तय नहीं हो पाई है। बीते महीने आचार संहिता के चलते बैठक टल गई थी। निगम ने चुनाव आयोग से इसके लिए अनुमति मांगी थी जो अब मिल गई है।
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कांग्रेस ने भी तक नहीं बनाया है कोई प्लान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जुब्बल-कोटखाई उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए भाजपा ने अपने पार्षदों को भी चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतार दिया है। जुब्बल और कोटखाई क्षेत्र से संबंध रखने वाले सभी भाजपा पार्षदों को बुधवार सुबह तक जुब्बल पहुंचने को कहा है।
यहां पार्टी के साथ होने वाली बैठक में इन्हें अलग-अलग क्षेत्रों में प्रचार का जिम्मा सौंपा जा सकता है। उधर कांग्रेस ने अभी तक ऐसा कोई प्लान नहीं बनाया है। जुब्बल-कोटखाई से संबंध रखने वाले कांग्रेस पार्षद प्रचार में जाएंगे या नहीं, अभी इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। जुब्बल-कोटखाई क्षेत्र से संबंध रखने वाले भाजपा में चार पार्षद हैं जबकि कांग्रेस में तीन पार्षद हैं।
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भाजपा पार्षदों की अपने गृह क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशी के साथ चुनाव प्रचार में तैनाती की जा रही है। नगर निगम महापौर सत्या कौंडल को भी कुछ दिन के लिए चुनाव प्रचार के लिए भेजा जा सकता है। इस सीट पर तिकोना मुकाबला हो सकता है। ऐसे में दोनों ही बड़ी पार्टियां प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। मेयर सत्या कौंडल ने कहा कि प्रचार के लिए पार्टी से अभी निर्देश मिलने हैं।
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उप महापौर से नाराज पार्षद
समर्थन वापस लेने की चर्चा
उप महापौर शैलेंद्र चौहान की चेतन बरागटा के साथ वायरल फोटो से कई भाजपा पार्षद भी नाराज हैं। कुछ पार्षद इस मामले में कार्रवाई तक की मांग कर रहे हैं। पार्षद आरती चौहान ने कहा कि पार्टी के खिलाफ प्रचार करना गलत है। कहा कि भाजपा पार्षदों के समर्थन से ही शैलेंद्र चौहान डिप्टी मेयर बने हैं। पार्टी प्रत्याशी का साथ न देने पर कुछ पार्षद उनसे समर्थन वापस भी ले सकते हैं।
नगर निगम सदन पर भी संशय
चुनाव आयोग से सदन बुलाने की मंजूरी मिलने के बावजूद अभी इस पर संशय बना हुआ है। मेयर समेत पार्षदों की चुनाव में तैनाती होने से नगर निगम की मासिक बैठक की तारीख तय नहीं हो पाई है। बीते महीने आचार संहिता के चलते बैठक टल गई थी। निगम ने चुनाव आयोग से इसके लिए अनुमति मांगी थी जो अब मिल गई है।