बदलाव की सुगबुगाहट: उपचुनाव में हार के बाद नड्डा ने दो मंत्री किए तलब, हलचल बढ़ी
सूत्रों के अनुसार नड्डा ने इन मंत्रियों से परफॉर्मेंस के बारे में पूछा तो वे अपने-अपने तर्क देकर सफाई देते रहे। इन मंत्रियों ने मंडी में भाजपा की हार के लिए जहां वीरभद्र के सहानुभूति फैक्टर को जिम्मेवार ठहराया है, वहीं महंगाई, सरकार के कामकाज, अफसरशाही की कार्यशैली और अन्य कारणों पर भी चर्चा की है।
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भाजपा हाईकमान ने मंडी संसदीय क्षेत्र में हुए उपचुनाव में मिली हार के बाद क्षेत्र से संबंधित जयराम कैबिनेट के दो मंत्रियों को नई दिल्ली तलब किया। शनिवार शाम मंडी सीट के प्रभारी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर और मंत्री रामलाल मारकंडा से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने भाजपा प्रत्याशी को मिली हार के कारणों के बारे में पूछा। मंत्रियों को तलब कर इस तरह से पूछताछ करने पर प्रदेश भाजपा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। चारों सीटों पर हार के बाद हाईकमान ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से पहले मंडी सीट में भाजपा की खास जिम्मेवारी लिए दोनों मंत्रियों को दिल्ली तलब किया था। अभी सीएम को दिल्ली का बुलावा नहीं आया है।
वहीं, दूसरी ओर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भाजपा के प्रमुख नेताओं की 15 नवंबर को चंडीगढ़ में बैठक बुला ली है। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सौदान सिंह और प्रभारी अविनाश राय खन्ना की विशेष उपस्थिति में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समीक्षा करेंगे। इसमें चारों सीटों पर हार के कारणों पर चर्चा होगी।
इस चर्चा के बाद कोर ग्रुप की अलग से बैठक होनी है। इसमें चर्चा के बाद केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपी जाएगी, जिसके बाद हार के लिए जिम्मेवार रहे कई भितरघाती और लापरवाह नेताओं पर भी कार्रवाई तय है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर हलचल के बाद सरकार और संगठन के स्तर पर भी कई बदलाव तय माने जा रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भितरघात को हार का एक कारण बता चुके हैं।
उपचुनाव में मंडी लोकसभा सीट सहित जुब्बल-कोटखाई, फतेहपुर और अर्की में हार के बाद पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व हरकत में आ गया है। भाजपा हाईकमान ने इस संबंध में पहले ही रिपोर्ट तलब की है। सभी प्रत्याशियों और भाजपा मंडल अध्यक्षों को भी रिपोर्ट देने को कहा है। शनिवार दोपहर दोनों मंत्रियों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा से भेंट की तो नड्डा चारों सीटों पर मिली हार से खफा दिखे। जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर पर जहां प्रभारी होने के नाते इस सीट पर भाजपा को जिताने की जिम्मेवारी थी, वहीं तकनीकी शिक्षा मंत्री मारकंडा भी अपने जिला लाहौल-स्पीति से भाजपा को लीड नहीं जिता पाए।
हार के बाद ये दोनों मंत्री अपना वर्चस्व बचाए रखने के लिए पहले से ही चिंता में थे और केंद्रीय नेतृत्व से खुद संपर्क साधने का प्रयास कर रहे थे कि इन्हें तलब कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार नड्डा ने इन मंत्रियों से परफॉर्मेंस के बारे में पूछा तो वे अपने-अपने तर्क देकर सफाई देते रहे। इन मंत्रियों ने मंडी में भाजपा की हार के लिए जहां वीरभद्र के सहानुभूति फैक्टर को जिम्मेवार ठहराया है, वहीं महंगाई, सरकार के कामकाज, अफसरशाही की कार्यशैली और अन्य कारणों पर भी चर्चा की है। मंत्री महेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से संगठन और सरकार के विषय में चर्चा की है।
15 को केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण से भी ऑनलाइन संवाद करेंगे जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 15 नवंबर को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी कई विषयों पर ऑनलाइन संवाद करेंगे। वह केंद्र में अटकी प्रदेश की कई योजनाओं के बारे में मंत्रणा करेंगे।
केंद्रीय मंत्री अनुराग से मिले मारकंडा
रामलाल मारकंडा देररात केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से भी मिले और उपचुनाव में हार के कारणों पर मंथन किया।