धर्मशाला का मन टटोलने उतरे जयराम-मंगल पांडे, मंडल को मंजूर नहीं बाहर का प्रत्याशी
उपचुनाव के लिए वोटरों को लुभाने को सरकारी खर्चे पर जन आभार यानी लाभार्थी रैली से एक दिन पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश भाजपा प्रभारी मंगल पांडे की जोड़ी ने धर्मशाला पहुंचते ही पार्टी पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें की।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रद्रेश प्रभारी मंगल पांडे ने परिधि गृह धर्मशाला मंडल भाजपा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। पदाधिकारियों से प्रत्याशी चयन को लेकर राय जानी गई। पदाधिकारों ने कहा कि धर्मशाला का प्रत्याशी स्थानीय होना चाहिए। पदाधिकारियों ने कहा कि धर्मशाला से किसी बाहरी को टिकट नहीं दी जानी चाहिए।
इसके अलावा कोर ग्रुप की बैठक कर उपचुनाव की तैयारियों पर मंथन किया। इस बैठक में जयराम ठाकुर, मंगल पांडे, सतपाल सत्ती, पवन राणा सहित कोर ग्रुप के अन्य सदस्य मौजूद रहे। दोनों धुरंधरों ने धर्मशाला से प्रत्याशी के चयन और जीत की रणनीति पर लंबा मंथन किया। सूत्रों के अनुसार कोर ग्रुप की बैठक में तीन प्रत्याशियों के नाम पर ज्यादा चर्चा हुई।
इसमें शांता कुमार, प्रेम कुमार धूमल, जेपी नड्डा सरीखे नेताओं की पसंद को लेकर भी सामंजस्य बिठाने को लेकर कूटनीतिक हल निकालने की कोशिश की गई। बैठकों का दौर देर रात तक चला। सोमवार सुबह 10 बजे फिर से महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इसमें चंबा-कांगड़ा संसदीय क्षेत्र के सभी विधायक, मंत्री, पिछले चुनाव में हारे हुए प्रत्याशी, जिला अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी शामिल होंगे। इस बैठक में धर्मशाला उपचुनाव को लेकर रणनीति के साथ नेताओं को जिम्मेदारियां बांटी जांएगी।
धर्मशाला में लाभार्थी रैली के लिए सीएम ने खुद संभाला मोर्चा
कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के 100 वर्ष के कार्यक्रम और पंचायतीराज विभाग राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के त्रिगर्त सभागार में हुए दो सितंबर के कार्यक्रम से नाखुश मुख्यमंत्री ने लाभार्थी रैली के लिए स्वयं मोर्चा संभाला है। सोमवार को होने वाली लाभार्थी रैली में बिहार के स्वास्थ्य मंत्री एवं प्रदेश भाजपा प्रभारी मंगल पांडे के सामने शाख बचाने के लिए रैली से एक दिन पहले सीएम ने धर्मशाला में ढेरा जमा लिया है।
जिला कारागार में आयोजित कार्यक्रम के बाद मिनी सचिवालय में लाभार्थी रैली को लेकर प्रशासन और पार्टी पदाधिकारियों को अलग-अलग से तलब किया। क्योंकि, दो सितंबर को त्रिगर्त सभागार में हुए कार्यक्रम में कुर्सियां खाली रह गई थीं। जिला कांगड़ा से तीन मंत्रियों और विधायकों सहित नामित सदस्यों के होने के बावजूद मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में खाली कुर्सियों के बाद उन्होंने लाभार्थी रैली को सफल बनाने के लिए स्वयं तैयारियों का जायजा लिया।
रविवार को जिला कारागार में एक कार्यक्रम के बाद सीएम ने मिनी सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारियों और पार्टी पदाधिकारियों को अलग-अलग से तलब किया। दो सितंबर को त्रिगर्त सभागार में हुए कार्यक्रम में खाली कुर्सियों से नाराज सीएम ने धर्मशाला उपचुनाव में पार्टी के स्वयंभू टिकटार्थियों और पार्टी पदाधिकारियों की क्लास भी लगाई। इससे पूर्व भी मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रमों में भी भीड़ न जुटा पाने के कारण पार्टी के प्रदेश प्रभारी के सामने वह कोई रिस्क नहीं लेना चाह रहे हैं।
धर्मशाला चल रहा है शून्य विधायक
भाजपा के संगठनात्मक जिला कांगड़ा का धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र शून्य विधायक चल रहा है, जबकि लाभार्थी रैली भी धर्मशाला विस क्षेत्र में ही है। वहीं शाहपुर से शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी और कांगड़ा विस क्षेत्र से पार्टी का विधायक नहीं है। वहीं नगरोटा बगवां से अरुण कुमार कूका हैं।
पदाधिकारियों की एकाएक बढ़ी सक्रियता
मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद धर्मशाला में स्वयंभू टिकटार्थियों और पदाधिकारियों की एकाएक सक्रियता बढ़ गई। सोशल मीडिया सहित अन्य साधनों से एक ही व्यक्ति को पदाधिकारियों ने पांच-पांच संदेश भेजकर लाभार्थी रैली के लिए आमंत्रित किया, जबकि दो सितंबर के कार्यक्रम को लेकर किसी भी पदाधिकारी की ऐसी सक्रियता नहीं दिखी।
अब लाला लाजपत राय होगा जिला कारागार धर्मशाला का नाम
जिला कारागार धर्मशाला का नाम स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय के नाम पर रखा गया। इसकी औपचारिक घोषणा मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने की। घोषणा से पहले ही जिला कारागार के गेट और जेल भवन पर लाला लाजपत राय का नाम अंकित हो चुका था। वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जिला कारागार में भवन के उद्घाटन और लाला लाजपत राय की प्रतिभा का अनावरण भी किया।
इस नए भवन में अतिरिक्त आवास, कैदी आगंतुक कक्ष, शस्त्रागार कक्ष, सीसीटीवी/निगरानी कक्ष, स्टोर, पेंट्री, पैरा-कानूनी कार्यालय और रिकॉर्ड रूम आदि शामिल होंगे। इस अवसर पर सांसद किशन कपूर, विधायक अर्जुन सिंह, रविंद्र धीमान, होशियार सिंह, रीता धीमान और जेल महानिदेशक सोमेश गोयल उपस्थित रहे।
21 अप्रैल, 1922 से 9 जनवरी, 1923 तक काटी थी जेल
स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय को धर्मशाला जेल में 21 अप्रैल 1922 से 9 जनवरी 1923 तक कैद करके रखा गया था। लाला लाजपत राय की कुर्सी धर्मशाला जेल के बी ग्रेड के सेल नंबर-दो में आज भी सलामत है।
आजादी के बाद इस सेल में किसी भी कैदी को नहीं रखा गया है। इसके अलावा स्वतंत्रता सेनानी मोलवी हबिबुर रेहमान, एस सरदुल सिंह कवीशर, युद्धवीर, मास्टर कबूल सिंह, मियान इफ्तिखारूद दीन, बंशी राम, सरला मित्र व पंचम चंद्र भी धर्मशाला जेल के कैदी रह चुके हैं।