डिजाइनरों की टीम करेगी टनल का निरीक्षण
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फोरलेन सड़क के लिए बन रही टीहरा स्थित निर्माणाधीन टनल धंसने के मामले में अब टनल का डिजाइन करने वाली ज्यूलॉजिस्टों की टीम दौरा करने वाली है। एक-दो दिन में यह एक्सपर्ट टीम बिलासपुर आएगी। टीम टनल के अंदर और पहाड़ पर उभरी दरारों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेगी। बुधवार को आईआईटी रुड़की से आई वैज्ञानिकों की एक टीम ने टनल क्षेत्र का निरीक्षण किया।
12 सितंबर को टीहरा में टनल का बड़ा हिस्सा धंस गया था। तीन मजदूर टनल में फंस गए थे। दस दिन चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दो मजदूर सकुशल निकाल लिए गए हैं। तीसरे मजदूर हिरदाराम का अभी कोई सुराग नहीं लगा है। टनल के अंदर और पहाड़ी पर आई दरारों की वजह से विशेषज्ञों ने टनल को अनसेफ करार दिया है।
जब तक टनल के पहाड़ को पक्का नहीं किया जाता, यहां प्रवेश नहीं किया जा सकता। प्रशासन की मानें तो रेस्क्यू ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। तीसरे मजदूर को बाहर निकालना है। एक्सपर्ट की राय के अनुसार टनल में ग्राउंटिंग की जा रही है। अन्य एक्सपर्ट भी बुलाए जा रहे हैं। बुधवार को आईआईटी रुड़की से चीफ साइंटिस्ट आरके गोयल की अगुवाई में चार सदस्यों की टीम ने दौरा किया। टनल में उभरी दरारों के अलावा पहाड़ी का भी निरीक्षण किया।
परिजनों को दी जा रही पल-पल की खबर
बताया जा रहा है कि टीम ने पहाड़ पर चल रहे ग्राउंटिंग के कार्य को बेहतर बताया है। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि टनल को डिजाइन करने वाले ज्यूलॉजिस्टों की टीम भी जल्द दौरा करने वाली है। टीम निर्माण से पहले किए गए सर्वे को आधार मानते हुए टनल निर्माण एवं रेस्क्यू ऑपरेशन पर सुझाव देगी। उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों की टीम के दौरे की पुष्टि की है। कहा कि टीम ने निरीक्षण किया है। उन्होंने भी यही सलाह दी है कि ग्राउंटिंग के बाद ही टनल में प्रवेश किया जा सकता है। एसडीएम घुमारवीं आरआर पटियाल ने बताया कि टनल का डिजाइन करने वाली टीम जल्द आने वाली है।
तीसरे मजदूर मंडी के हिरदाराम के परिजनों को प्रशासन पल-पल की खबर दे रहा है। इसके लिए एसडीएम घुमारवीं आरआर पटियाल की ड्यूटी लगाई है। टनल में कोई प्रवेश न करे, इसके लिए बाकायदा पुलिस का पहरा बैठाया है। एसडीएम आरआर पटियाल ने बताया कि कुछ पुलिस कर्मियों के अलावा प्रशासन का एक व्यक्ति तैनात है। इसके लिए आठ-आठ घंटे की ड्यूटी लगाई गई है।