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Bilaspur News: 1150 नहीं, 125 रुपये में मिलेगा अब बछड़ी पैदा करने वाला टीका

Fri, 21 Jul 2023 08:47 AM IST
Krishan Singh अनिल ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
अनिल ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Published by: Krishan Singh Updated Fri, 21 Jul 2023 08:47 AM IST
सार

दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। प्रदेश में पशुपालन विभाग की ओर से उपलब्ध करवाया जा रहा बछड़ी पैदा करने के टीके के दाम 1,025 रुपये कम हो गए हैं। 

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Bilaspur News: Not 1150, now you will get female calf vaccine for 125 rupees Bilaspur News, calf vaccine
गाय - फोटो : istock

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में लावारिस पशुओं की समस्या आने वाले समय में कम होगी। दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। प्रदेश में पशुपालन विभाग की ओर से उपलब्ध करवाया जा रहा बछड़ी पैदा करने के टीके के दाम 1,025 रुपये कम हो गए हैं। अब यह 1,150 की जगह 125 में मिलेगा। इस कृत्रिम गर्भधारण के बाद गाय के बछड़ी होने की 90 फीसदी गारंटी है।

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पशुपालकों को विभाग जर्सी, साहीवाल और होल्सटीन फ्रिसियन (एचएफ) नस्ल के टीके उपलब्ध करवा रहा है। पशुपालन विभाग ने 14 सितंबर 2022 में प्रदेश में इन टीकों को लगाने की शुरुआत की थी। हालांकि ग्रामीण स्तर पर लोगों को अभी इसकी अधिक जानकारी नहीं है।
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वहीं जिन पशुपालकों को इसके बारे में जानकारी थी, वह महंगा होने के कारण इसे खरीद नहीं पा रहे थे। अब टीके की दरों में सीधे 1,025 रुपये की कमी आने के चलते इसे आसानी से  खरीद सकेंगे। मांग के अनुसार उन्हें यह टीके उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बड़ी बात यह है कि इन टीकों के बाजार में आने के बाद एक तरफ जहां गायों की संख्या बढ़ेगी और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
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वहीं, पशुपालकों की आर्थिकी सुदृढ़ होगी। इसके अलावा प्रदेश में सबसे बड़ी लावारिस पशुओं की समस्या का आने वाले समय में स्थायी समाधान होगा। इस टीके के लगाने के बाद गाय के बछड़ी होने की गारंटी 90 फीसदी है। जिससे बछड़ों की संख्या अपने आप ही कम हो जाएगी। प्रदेश की सड़कों पर लावारिस पशुओं के रूप में 90 फीसदी बैल हैं। 


 यह टीका जिले के पशु अस्पतालों में उपलब्ध करवाया जा रहा है। वहीं पंचायत स्तर पर भी मांग के आधार पर उपलब्ध कराया जा रहा है। टीका विशेष होने के चलते इसे पशु विशेषज्ञों की निगरानी में रखा जाता है। वहीं पंचायत स्तर पर औषधालयों में फार्मासिस्ट तैनात होते हैं। -डॉ. सतीश कपूर, सहायक निदेशक प्रसार, पशुपालन विभाग बिलासपुर

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