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Bilaspur: बिलासपुर जिला परिषद पर कब्जे की लड़ाई विकास कार्य पर पड़ रही भारी, बैठक में पहुंचा मात्र एक सदस्य
Sat, 13 May 2023 12:16 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 13 May 2023 12:16 PM IST
सार
पिछले तीन माह से जिला परिषद में राजनीतिक उठापटक चल रही है। लेकिन यह राजनीति अब विकास कार्यों पर हावी होने लगी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जिला परिषद बिलासपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद कब्जे की लड़ाई अब विकास कार्यों पर भी भारी पड़ना शुरू हो गई है। शुक्रवार को विकास कार्यों पर रखी त्रैमासिक बैठक से 14 में से 13 सदस्य नदारद रहे। तीन घंटे तक विभागीय अधिकारी सदस्यों का बैठक का आने का इंतजार करते रहे। जब दोपहर तक सदस्य नहीं पहुंचे तो बैठक को बिना किसी चर्चा के रद्द कर दिया गया।
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हर तीन माह बाद जिला परिषद के सदस्य और पदाधिकारी विभागीय अधिकारियों के साथ अपने क्षेत्रों लंबित, चल रहे और प्रस्तावित विकास पर कार्यों पर चर्चा करते हैं। शुक्रवार को रखी गई बैठक के लिए सभी सदस्यों को पूर्व सूचना दी गई थी। बैठक सुबह 10 बजे शुरू हुई। विभिन्न विभागाध्यक्ष निर्धारित समय पर बैठक में पहुंचे। एक जिला परिषद सदस्य भी बैठक में पहुंचे। अन्य सदस्यों का दोपहर 1 बजे तक इंतजार किया गया।
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बता दें कि जिला परिषद की अध्यक्ष मुस्कान और उपाध्यक्ष प्रेम सिंह ठाकुर के खिलाफ जिप के 11 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी। अविश्वास प्रस्ताव के लिए 27 मार्च को बैठक रखी गई। बैठक से एक घंटे पहले दोनों पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा एक माह तक पंचायती राज निदेशक के पास विचाराधीन था। इसी माह की अवधि के दौरान दोनों पदाधिकारी नियमानुसार इस्तीफा वापस ले सकते थे।
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इसी नियम का फायदा उठाकर दोनो पदाधिकारियों ने समय अवधि खत्म होने से एक दिन पहले इस्तीफा वापस ले लिया। पिछले तीन माह से जिला परिषद में राजनीतिक उठापटक चल रही है। लेकिन यह राजनीति अब विकास कार्यों पर हावी होने लगी है। उधर, जिला पंचायत अधिकारी अश्वनी शर्मा ने बताया कि जिला परिषद सदस्यों के बैठक में नहीं पहुंचने पर बैठक को रद्द कर दिया गया है। आगामी बैठक की तिथि जल्द निर्धारित की जाएगी।