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बेटी की मौत के गम में छोड़ा खाना-पीना

Fri, 26 Sep 2014 08:02 PM IST
Updated Fri, 26 Sep 2014 08:02 PM IST
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Bilaspur accident victim on a hunger strike.

ऋषिकेश-भगेड़-बिलासपुर सड़क पर हुई बस दुर्घटना में अपनी जवान बेटी के दुनिया से रुखसत हो जाने पर एक मां सुधबुध खो बैठी हैं। बेटी के जाने के गम में तीन दिन से मां ने अन्न का दाना तो दूर पानी का घूंट भी नहीं पिया। अब तो महिला का स्वास्थ्य भी बिगड़ गया है। महिला को उपचार के लिए घुमारवीं अस्पताल में भर्ती किया गया है।

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राहियां का दर्दनाक हादसा कभी न भरने वाले जख्म दे गया है। ताउम्र यह हादसा एक नासूर बनकर लोगों को दर्द देता रहेगा। शरीर पर लगे जख्म भले ही भर जाएं लेकिन, अपने जिगर के टुकडे़ अब कहां से मिल पाएंगे। बेटी के गुजरने से आहत बैहनाजट्टां की रामेश्वरी अपनी सुधबुध खो बैठी हैं। इस मां को अपनी तक कोई खबर नहीं है।
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जब से पता चला है कि कॉलेज को गई उसकी बेटी अब कभी वापस नहीं लौटेगी, तब से इस मां के हलक से एक निवाला तक नहीं उतरा है। राहियां हादसे के दो दिन पहले ही घास काटने वाली मशीन में बेटे का हाथ जख्मी हुआ था। घटना में बेटे की अंगुलियां कट गई हैं।
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शिमला में इलाज कर मंगलवार को बेटा घर लौटा तो उसके हाथों को देख कर इस मां का दिल पसीज गया। अभी यह जख्म भरे भी नहीं थे कि उन्हें ऐसा जख्म मिला जो शायद कभी भरा न जा सके। रामेश्वरी की बेटी पूजा सुबह घर से कॉलेज के लिए निकली थी। लेकिन, बस दुर्घटना में उसकी मृत्यु हो गई।

'सदमे के कारण खाना पीना छोड़ा'

Bilaspur accident victim on a hunger strike.

पूजा की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने के लिए पिता सुभाष अपने परिवार को अपने भाई रामकृष्ण व देवराज के हवाले छोड़कर हरिद्वार गए हैं। सुभाष के बड़े भाई देवराज ने बताया कि हादसे के दिन से पूजा की मां ने खाना-पीना छोड़ दिया है। शुक्त्रस्वार को जब इसकी हालात बिगड़ गई तो इसे अस्पताल लाना पड़ा। यहां पर ग्लूकोज की दो बोतलें चढ़ाने के बाद इसको होश आया।

होश आने पर इस मां के लबों से एक ही लफ्ज निकला कि मेरी पूजा। इस मां को अभी भी विश्वास नहीं है कि इसकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं है। पूजा के ताया देवराज ने बताया कि घर पर बड़े भाई रामकृष्ण बच्चों को संभाले हुए हैं। सुभाष हरिद्वार गया है। उसे इस बात की खबर नहीं है कि उसकी घरवाली भी अस्पताल में दाखिल है।

महिला का इलाज करने वाले डाक्टर मेडिकल स्पेशलिस्ट विक्त्रस्म शाह ने बताया कि महिला ने सदमे के कारण खाना पीना छोड़ दिया है। जिस कारण महिला की तबीयत बिगड़ गई है। महिला को ग्लूकोज लगाया गया है। उसका उपचार चल रहा है। वह खतरे से बाहर है।

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