पुलिस महकमे में बड़े बदलाव की तैयारी, जा सकती है इनकी कुर्सी
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केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चल रहे 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी संजय कुंडू को केंद्र सरकार ने रिलीव कर दिया है। प्रदेश सरकार ने उन्हें हिमाचल कैडर में वापस भेजने के लिए विशेष दरख्वास्त की थी। दलील दी गई थी कि मुख्यमंत्री कार्यालय को मजबूत बनाने के लिए उन्हें अतिरिक्त प्रधान सचिव मुख्यमंत्री लगाया जाएगा।
करीब महीने की जद्दोजहद के बाद आखिरकार केंद्रीय कार्मिक विभाग ने उन्हें रिलीव कर दिया है। कुंडू के केंद्र से रिलीव होने के बाद एक बार फिर पुलिस मुखिया के पद को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
दरअसल, सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 8 जनवरी को सूबे के डीजीपी सोमेश गोयल को हटाकर उनसे एक बैच जूनियर सीताराम मरडी को पुलिस प्रमुख की कमान सौंपी थी।
विवादों में घिरते चले गए मरडी
नियुक्ति के बाद मरडी विवादों में घिरते चले गए। पहले जेल में गुड़िया हत्याकांड से जुड़े सूरज हत्याकांड के आरोपी डीडब्ल्यू नेगी से मुलाकात और इसके बाद प्रमोटी बनाम डायरेक्ट आईपीएस, लिटिगेशन फंड जैसे मामलों को लेकर भी वह विवादों में घिर गए। इस बीच, प्रदेश की कानून व्यवस्था भी बद से बदतर होने लगी।
कसौली कांड के बाद हुई मंत्रिमंडल बैठक में हुए विवाद के बाद मरडी की कुर्सी जाना तय माना जा रहा था। हालांकि, किन्हीं कारणों से मामला टल गया। सूत्रों के अनुसार सरकार के खास माने जाने वाले कुंडू को डीजीपी बनाने की तैयारी थी, लेकिन केंद्र से उनके रिलीव न होने के चलते मामला कुछ दिन टल गया। अब कुंडू के केंद्र से रिलीव होने के बाद फिर से पुलिस मुखिया पद पर बदलाव को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।