हिमाचली बताकर पंजाब में लगा डाले बिजली कनेक्शन
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हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के अफसरों से मिलीभगत कर फर्जी कागजात पर जिला ऊना की सीमा से सटे पंजाब के दर्जनों लोगों ने बिजली कनेक्शन लगा लिए। पिछले कई वर्षों से हिमाचल के नाम पर पंजाब के लोग सस्ती बिजली लेकर हिमाचल को लाखों-करोड़ों रुपये का चूना लगा चुके हैं। और तो और पंजाब में कनेक्शन लगवाने वाले तीन उपभोक्ताओं की मौत भी हो चुकी है।
मामला ऊना जिला के विद्युत मंडल गगरेट और उपमंडल दौलतपुर का है। एक साल पहले विजिलेंस को मिली गुप्त सूचना पर की गई जांच के बाद अब ऊना विजिलेंस थाने में हिमाचल बिजली बोर्ड के एक दर्जन से अधिक अफसरों और पंजाब के दर्जनों लोगों पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। एसपी विजिलेंस विमल गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है।
अफसरों ने किया घपला, दे दिए कनेक्शन
विजिलेंस जांच में सामने आया है कि सीमावर्ती क्षेत्र संतोषगढ़ में पंजाब के दर्जनों लोगों की जमीनें हैं। कनेक्शन को आवेदन हिमाचल के लिए किया गया और बोर्ड अफसरों और कर्मियों ने इन्हें मिलीभगत से पंजाब में लगा दिया।
वहीं, एक अन्य मामले में पंजाब के जिला होशियारपुर की बुंगा तहसील के बाडी खड्ड गांव के आधा दर्जन लोगों ने आवेदन करते समय अपना पता पंजाब का दिया था। हिमाचल विद्युत बोर्ड मंडल गगरेट और उपमंडल दौलतपुर के तत्कालीन अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग करके पंजाब के इन लोगों को बिजली कनेक्शन दे दिए। कायदे से इन आवेदनों को रिजेक्ट किया जाना चाहिए था।
जांच अधिकारियों ने भी की मामला दबाने की कोशिश
विजिलेंस ने जांच में पाया है कि हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड ने भी मामले की जांच के लिए फ्लाइंग स्क्वायड के दो अधिशासी अभियंताओं को नियुक्त किया था। इनमें से एक अधिशासी अभियंता संतोषगढ़ में पहले सहायक अभियंता/उपमंडल अधिकारी रह चुके थे।
उनके समय में भी पंजाब के क्षेत्र में बिजली के फर्जी कनेक्शन दिए गए थे। इसलिए फ्लाइंग स्क्वायड के इन अधिकारियों ने सही स्थिति को पेश न करके हिमाचल सरकार को गुमराह किया। विजिलेंस ने इन अफसरों के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की है।
सस्ती बिजली पाने को हुआ फर्जीवाड़ा
वर्षों से हो रहे फर्जीवाड़े में हिमाचल सरकार को अब लाखों-करोड़ों रुपये का चूना लगा है। हिमाचल में बिजली दरें काफी कम हैं जबकि पंजाब में बिजली काफी महंगी है। पंजाब में सिंचाई के लिए ट्यूबवेल ज्यादा प्रयोग होता है, इसमें बिजली की ज्यादा खपत होती है। ऐसे में पंजाब के ट्यूबवेल और घरों को हिमाचल की सस्ती बिजली से चलाने का बड़ा षड्यंत्र रचा गया।