यहां पानी के लिए मचा हाहाकार, हालात हुए बेकाबू, सातवें आसमान पर लोगों का गुस्सा
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पेयजल संकट से जूझ रही राजधानी में हालात बेकाबू हो गए हैं। शहर में पानी के लिए मचे हाहाकार के बीच लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। कहीं पांच दिन, कहीं हफ्ते से पानी नहीं आ रहा है।
पानी की कमी के कारण कई जगह पब्लिक टॉयलेट बंद हो गए हैं। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में टंकियां खाली और नलके सूखे पड़े हैं। शनिवार को कांग्रेस ने जहां उपमहापौर का घेराव किया, वहीं स्थानीय विधायक की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
इसी बीच महापौर और नगर निगम अधिकारियों की शिकायत लेकर भाजपा पार्षद भी सीएम से मिले। उन्होंने मेयर के चीन दौरे पर भी सवाल उठाए। वहीं, शहर में पेयजल संकट को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार शाम उपायुक्त और निगम पार्षदों के साथ बैठक की।
उपायुक्त को निर्देश दिए कि गिरि और गुम्मा में कूहलों को बंद किया जाए। पंपिंग सुधारी जाए, जिससे शहर के लिए ज्यादा पानी मिल सके। इसके अलावा टैंकर की व्यवस्था करने को भी कहा। साथ ही परियोजनाओं और पाइपलाइन से लीकेज और पानी चोरी पर भी नजर रखने को कहा।
पेयजल संकट के बीच महापौर के चीन दौरे पर उठाए सवाल
महापौर कुसुम सदरेट के चीन दौरे को लेकर जारी विवाद अब सीएम दरबार पहुंच गया है। महापौर के दौरे पर सवाल उठा रहे भाजपा पार्षद शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिले और शिकायत की।
सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान कई पार्षदों ने निगम के कई अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। पेयजल संकट दूर करने के लिए पार्षदों ने पुराने अफसरों को वापस लाने की भी वकालत की। बताया जा रहा है कि पार्षदों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कार्रवाई का भरोसा दिया है।
ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही निगम में कई अधिकारियों के तबादले भी हो सकते हैं। हालांकि, महापौर के दौरे को लेकर जल्द ही एक अलग बैठक करने की बात कही गई है। बैठक के दौरान उप महापौर भी मौजूद रहे।
इनके अलावा भाजपा पार्षद पूर्णमल, आशा शर्मा, आरती चौहान, किमी सूद, कमलेश मेहता, शैलेंद्र चौहान, बिट्टू कुमार, सत्या कौंडल आदि मौजूद रहे।हालांकि, शिकायत के लिए पार्षदों को दिन भर भागदौड़ भी करनी पड़ी।
सूत्रों के अनुसार नाराज पार्षद सबसे पहले सुबह करीब नौ बजे ओकओवर स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए। यहां मुख्यमंत्री पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के आवास के लिए रवाना हो रहे थे। ऐसे में पार्षदों की शिकायत नहीं सुन पाए।
पार्षद भी इनके पीछे धूमल आवास पहुंच गए। यहां सीएम से तो मिले लेकिन उन्होंने इन सभी पार्षदों को पीटरहॉफ आने को कहा। होटल पीटरहॉफ में भीशाम चार बजे सीएम से मुलाकात कर पाए।
संकट के बीच निगम ने मंगवाए 20 नए टैंकर
शहर में पेयजल संकट से मचे कोहराम के बीच निगम ने 20 नए टैंकर मंगवाए हैं। करीब दस हजार लीटर की क्षमता वाले ये टैंकर किराये पर लिए जा रहे हैं। शनिवार को निगम आयुक्त रोहित जमवाल ने जल शाखा के अधिकारियों से बैठक की।
पूछा कि वैकल्पिक तौर पर कैसे लोगों को राहत दे सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि पंपिंग कम होने से शहर को कम पानी मिला है। प्रेशर कम है। पाइपलाइन से सप्लाई नहीं दे सकते।
इसके बाद 20 नए टैंकर मंगाने का फैसला लिया। आयुक्त ने बताया कि चाभा से ये टैंकर भरवाए जाएंगे जो शहर के विभिन्न इलाकों में लोगों को पानी की सुविधा देंगे। कहा कि इस बारे में उपायुक्त को भी पत्र लिख रहे हैं।
क्रेगनैनो की नई लाइन से मिलेगी सप्लाई
वहीं, आयुक्त ने गुम्मा परियोजना की नई लाइन से पानी की सप्लाई देने का फैसला लिया है। आयुक्त ने बताया कि अभी तक क्रेगनैनो से ढली तक जितनी भी नई लाइन बिछाई है, उसमें पानी की सप्लाई शुरू की जाएगी। पुरानी लाइन में जगह-जगह लीकेज हो रही है। नई लाइन से सप्लाई करने पर करीब दो एमएलडी पानी बर्बाद होने से बच जाएगा। इसके अलावा गुम्मा में तीन कूल्हें बंद करवा रहे हैं।
पार्षदों के साथ कांग्रेस ने किया उपमहापौर का घेराव, नारेबाजी
शहर में पानी के लिए मचे हाहाकार के लिए भाजपा शासित नगर निगम को जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस वर्करों ने शनिवार दोपहर करीब एक बजे उप महापौर राकेश शर्मा का घेराव कर दिया।
कांग्रेसी पार्षद भी पीछे नहीं रहे और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उप महापौर कार्यालय के भीतर ही नारेबाजी कर दी। कांग्रेस नेता व पूर्व पार्षद सुरेंद्र चौहान के साथ कई कार्यकर्ता उपमहापौर की सीट के पास जमीन पर बैठ गए और इस्तीफे की मांग की।
पूछा कि आखिर छठे दिन भी पानी क्यों नहीं दिया जा रहा। उप महापौर ने कहा कि पानी सूख गया है। चाहे तो मौके पर ले जा सकते हैं। इस पर कार्यकर्ता भड़क गए। पूछा कि अगर हम ही सब करेंगे तो आपको कुर्सी पर क्यों बैठाया है।
पानी महीने में चार दिन देते हो लेकिन बिल पूरे महीने का लेते हो। लोगों को सीवेज पिला रहे हो, लेकिन सेस 30 फीसदी वसूलते हैं। पूछा ऐसा कब तक चलेगा।
पार्टी कार्यकर्ताओं और पार्षदों ने कहा कि जब भाजपा के पार्षद ही आपके खिलाफ हैं तो आप कुर्सी से क्यों चिपके हो। पानी पहले भी इतना ही मिलता था, लेकिन तीसरे दिन सप्लाई आ जाती थी। लेकिन अब सातवें दिन भी पानी नहीं।
पेयजल संकट पर वीरभद्र से मिले कांग्रेस के पार्षद
शहर में पेयजल संकट को लेकर कांग्रेसी पार्षद शनिवार शाम करीब चार बजे पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिले। हालीलॉज पहुंचे पार्षदों ने शहर में पानी के लिए मची मारामारी को लेकर स्थिति स्पष्ट की।
इसके बाद भाजपा शासित नगर निगम के खिलाफ आगामी रणनीति तैयार करने की भी चर्चा की। पार्षदों ने बताया कि पेयजल वितरण में मनमानी हो रही है। कहीं चौथे तो कहीं सातवें दिन पानी दिया जा रहा है।
उधर, मेयर चीन दौरे पर चली गई हैं। सरकार खामोश बैठी है। तय किया गया कि इस मुद्दे पर सोमवार को प्रेसवार्ता और बैठक की जाएगी। पार्षद राकेश चौहान ने बताया कि पूर्व सीएम ने जनता को जलसंकट से निजात दिलाने के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया है।
कहा कि आने वाले दिनों में विधायक विक्रमादित्य सिंह और अनिरुद्ध सिंह भी निगम का घेराव करेंगे। इस दौरान पार्षद सिमी नंदा, आनंद कौशल, दिवाकर देव शर्मा, कुसुमलता ठाकुर, सुषमा कुठियाला और अर्चना धवन भी मौजूद रही।