हिमाचल की पहली रेल लाइन का काम जल्द
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश की पहली बड़ी रेल परियोजना पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद जग गई है। भानुपल्ली- बिलासपुर-बेरी ब्राडगेज रेल लाइन का काम उत्तर रेलवे ने रेल विकास निगम को सौंप दिया है। निगम ने इस अहम रेल ट्रैक के सेटेलाइट सर्वे का काम भी आरंभ कर दिया। दावा है कि करीब दो महीने के भीतर सर्वे रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। इसके बाद एलाइनमेंट का काम शुरू होगा। इसके बाद रेल पटरी बिछाने का काम शुरू हो जाएगा।
पहले चरण में रेल ट्रैक भानुपल्ली से धरोट तक बिछेगा। दूसरे चरण में इसे बेरी तक बनाया जाएगा। केंद्र सरकार की इसे कुल्लू-मनाली होते हुए लेह तक ले जाने की भी योजना है। वर्षों से राजनीतिक पालने में झूल रही 63.1 किलोमीटर भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी रेल लाइन के जल्द धरातल पर उतरने के आसार बन गए हैं।
करीब 2964 करोड़ लागत से बनने वाली इस ब्रॉडगेज लाइन के सेटेलाइट सर्वे का काम चल रहा है। भू अधिग्रहण के लिए सोशल इंपैक्ट कमेटी के गठन के लिए राज्य सरकार को प्रपोजल भेज दिया है। खास यह है कि रेलवे ग्रामीणों को जमीन का मुआवजा नए भू-अधिग्रहण बिल के तहत अदा करेगा।
पहले चरण में जुड़ेगा मां नयनादेवी मंदिर
प्रस्तावित लाइन के पहले चरण में ही शक्तिपीठ नयनादेवी रेल ट्रैक से जुड़ जाएगा। नयनादेवी विधानसभा क्षेत्र के धरोट में प्लेटफार्म बनेगा। यहां से शक्तिपीठ की दूरी करीब 14 किलोमीटर रहेगी। बेरी तक इस ट्रैक पर लगभग सात टनलों का निर्माण होगा।
पंजाब के नौ, हिमाचल के 11 गांव आएंगे- भानूपल्ली से बेरी तक इस प्रस्तावित रेल लाइन में पंजाब के नौ और हिमाचल प्रदेश के 11 गांव आएंगे। पंजाब के नंगल, भानूपल्ली होते हुए हिमाचल के धरोट-बैरी तक ट्रैक बनाया जाएगा। सर्वे में हिमाचल के जंडौरी, दबट, बेहरड़ा, कांगुवाली, झीड़ा, कोटखास, नंद-बैहल, होमा, संगवाणा, नैला, लखणु, धरोट गांव शामिल हैं।
बिलासपुर के एसडीएम एवं भू-अर्जन अधिकारी हरीश गज्जू ने बताया कि रेल विकास निगम को काम सौंपने से तेजी आई है। सेटेलाइट सर्वे का कार्य अंतिम चरण में है। भू अधिग्रहण को सोशल इंपैक्ट कमेटी के गठन बारे राज्य सरकार से पत्राचार किया है। कमेटी के आकलन के बाद भू अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।