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हिमाचल: मैक्लोडगंज में तिब्बतियों ने बीजिंग ओलंपिक के विरोध में किया प्रदर्शन
Fri, 04 Feb 2022 09:56 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 04 Feb 2022 09:56 AM IST
सार
संगठन के भारत में राष्ट्रीय निदेशक रिंजिन चियोडन ने कहा कि मानवाधिकारों के प्रति चीन सरकार के अत्याचारों के बीच ओलंपिक गेम्स शुरू होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शासन में तिब्बतियों सहित कई समुदायों के लोगों पर अत्याचार हो रहा है।
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बीजिंग ओलंपिक के विरोध में प्रदर्शन
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के आवास मैक्लोडगंज में तिब्बतियों के संगठन ने बीजिंग विंटर ओलंपिक गेम्स 2022 के विरोध में अभियान शुरू कर दिया है। स्टूडेंट फॉर फ्री तिब्बत संगठन के सदस्य मैक्लोडगंज में प्रतीकात्मक फोटो एक्शन से विरोध जता रहे हैं।
संगठन के भारत में राष्ट्रीय निदेशक रिंजिन चियोडन ने कहा कि मानवाधिकारों के प्रति चीन सरकार के अत्याचारों के बीच ओलंपिक गेम्स शुरू होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शासन में तिब्बतियों सहित कई समुदायों के लोगों पर अत्याचार हो रहा है। लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है
वहीं, एसएफटी के तेनज़िन पासांग ने कहा कि मैं न केवल तिब्बत में बल्कि चीन के कब्जे वाले सभी देशों में सभी राजनीतिक बंदियों का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। हम बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक 2022 के उद्घाटन का विरोध कर रहे हैं।
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संगठन के भारत में राष्ट्रीय निदेशक रिंजिन चियोडन ने कहा कि मानवाधिकारों के प्रति चीन सरकार के अत्याचारों के बीच ओलंपिक गेम्स शुरू होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शासन में तिब्बतियों सहित कई समुदायों के लोगों पर अत्याचार हो रहा है। लोगों के अधिकारों का हनन हो रहा है
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वहीं, एसएफटी के तेनज़िन पासांग ने कहा कि मैं न केवल तिब्बत में बल्कि चीन के कब्जे वाले सभी देशों में सभी राजनीतिक बंदियों का प्रतिनिधित्व कर रहा हूं। हम बीजिंग शीतकालीन ओलंपिक 2022 के उद्घाटन का विरोध कर रहे हैं।
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