अब महिलाएं भी कर सकेंगी इस पवित्र गुफा के दर्शन, पाबंदी हटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ की पवित्र गुफा के दर्शन अब महिलाएं भी सकेंगी। अभी तक महिलाओं का पवित्र गुफा में प्रवेश वर्जित था। महिलाएं गुफा के सामने वाले भवन के चबूतरे से ही दर्शन और पूजा अर्चना करती थी।
शनि शिंगना मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के आए ऐतिहासिक फैसले के बाद मंदिर ट्रस्ट ने हमीरपुर जिले के दियोटसिद्ध में सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ की पवित्र गुफा में महिलाओं के लिए मुख्य पिंडी के दर्शनों पर लगी पांबदी हटा दी है।
अब यहां महिलाएं पुरुषों की तरह गुफा के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगी। कोर्ट के फैसले से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, महिलाओं पर पाबंदी का कभी विरोध नहीं हुआ। दियोटसिद्ध में बाबा के दर्शनों को हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मंदिर में प्रवेश पर इसलिए लगाई थी पाबंदी
बता दें कि 16 जनवरी 1987 को बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट का गठन किया गया। एसडीएम बड़सर को मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष, जबकि उपायुक्त हमीरपुर को ट्रस्ट का आयुक्त नियुक्त किया गया है।
मंदिर प्रशासन ने अभी तक महिलाओं के लिए पवित्र गुफा के सामने अलग से प्लेटफार्म की व्यवस्था की हुई थी। उस जगह पर खड़ी होकर महिलाएं सामने से बाबा के दर्शन करती आई हैं। बाबा के दर पर सालाना करोड़ों रुपये का चढ़ावा चढ़ता है।
क्यों नहीं करतीं महिलाएं गुफा के दर्शन
मान्यता है कि बाबा बालक नाथ शाहतलाई में मां रत्नों की गायें चराया करते थे। इसके बाद उन्होंने ब्रह्मचर्य जीवन अपना लिया। दियोटसिद्ध गुफा में उन्होंने घोर तप किया। ब्रह्मचारी होने के चलते वे महिलाओं से दूर रहते थे। इसी लिए महिलाएं उनकी गुफा के दर्शन नहीं करती आ रही हैं।
शिक्षण संस्थान भी चला रहा मंदिर ट्रस्ट
बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के अधीन वर्तमान में एक डिग्री कालेज, सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मॉडल स्कूल और एक संस्कृत कॉलेज चल रहा है। इन शिक्षण संस्थानों में तैनात टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ को वेतन भी ट्रस्ट की ओर से दिया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट की सराय और दुकानें हैं। मंदिर की देखरेख में डेढ़ सौ से अधिक कर्मचारी तैनात हैं।
बाबा बालक नाथ मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी की कानूनी कोई बंदिश न पहले थी और न अब हैं। लेकिन, यहां सदियों से एक प्रथा चली आ रही थी। सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं को मंदिरों में प्रवेश की अनुमति दे दी है। अब यहां महिलाएं चाहें तो गुफा के दर्शन कर सकती हैं। - मदन चौहान, आयुक्त बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट और उपायुक्त हमीरपुर