एनएसजी की सदस्यता का विरोध करने पर भारत का चीन को बड़ा झटका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध करने पर केंद्र सरकार ने चीन को बड़ा झटका दिया है। पड़ोसी देश चीन में बने दुग्ध उत्पादों की भारत में बिक्री पर जून 2017 तक पाबंदी बढ़ा दी गई है। दो दिन पहले केंद्र सरकार ने इसके आदेश जारी किए हैं। बिलासपुर में एक समारोह में शिरकत करने पहुंचीं केंद्रीय राज्य मंत्री वाणिज्य एवं उद्योग निर्मला सीता रमण ने यह खुलासा किया है।
रोक बढ़ाने के पीछे दलील दी गई है कि चीन के दुग्ध उत्पाद सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। इनमें कई जहरीले रसायन हैं। चीन से आने वाले चावल पर भी केंद्र सरकार की नजर है। दावा किया जा रहा है कि इस चावल को चमकाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। चावल में प्लास्टिक का भी इस्तेमाल हो रहा है।
इन दुग्ध उत्पादों पर रोक
अगर यह बात साबित होती है तो चीन के चावल पर भी रोक लगाई जाएगी। इससे पहले चीन निर्मित कुछ खिलौनों पर भी रोक लग चुकी है। इन खिलौनों में भी जहरीले केमिकल पाए गए थे।
रमण ने बताया कि दो दिन पूर्व ही चीन के दुग्ध उत्पादों पर रोक बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों में संबंध कैसे हैं, इस आधार पर रोक नहीं बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मानकों पर खरे नहीं उतर पाने वाले उत्पादों पर रोक लगाने के लिए सरकार स्वतंत्र है।
चीन में बने दुग्ध उत्पादों में सबसे अधिक चॉकलेट भारत आती है। इसके अलावा मिल्क पाउडर, लिक्विड दूध, घी-पनीर, बेबी पाउडर भी टेट्रा पैक में आता है। बच्चों के लिए टॉफियां और दूध से बने खाद्य पदार्थ, मिठाइयां भी बड़ी मात्रा में आती हैं।