वीरभद्र ब्रिगेड बनाने वाले बलदेव कांग्रेस से सस्पेंड, दो नेताओं को नोटिस
- प्रदेश कांग्रेस सचिव राजकुमारी, जिला अध्यक्ष खाची को भी नोटिस
- वीरभद्र सिंह ब्रिगेड बनाने की घोषणा की थी, बाद में कर दी थी निरस्त
- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सुक्खू ने वीरभद्र समर्थकों पर की कार्रवाई
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के नाम से ब्रिगेड बनाना उनके समर्थकों पर भारी पड़ गया। वीरभद्र ब्रिगेड बनाने वाले कांग्रेस सेवादल के पूर्व मुख्य संगठक बलदेव ठाकुर को कांग्रेस से सस्पेंड कर दिया गया है। कांग्रेस की प्रदेश सचिव राजकुमारी सोनी और जिला शिमला ग्रामीण अध्यक्ष केहर सिंह खाची को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे 15 दिन में जवाब तलब किया गया है।
जवाब से संतुष्ट न होने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सूत्रों ने बताया कि वीरभद्र समर्थकों के खिलाफ ये कार्रवाई कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पार्टी आलाकमान से चर्चा के बाद की है।
बलदेव ठाकुर ने बताया कि वह 15 साल तक प्रदेश सेवादल के मुख्य संगठक रहे हैं। बेशक वर्तमान में कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य हैं, मगर पूर्व में अहम पदों पर रहने के कारण उन्हें निलंबित करने से पहले नोटिस देना चाहिए था। बलदेव ने कहा कि उन्हें अभी कोई पत्र नहीं मिला है। मिलेगा, तो जवाब दूंगा। पार्टी जो कार्रवाई करेगी, उसके लिए भी तैयार हैं।
एक दिन बाद ही रद्द हो गया था संगठन
केहर सिंह खाची ने बताया कि अभी नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने के बाद जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 1978 से वह पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। शिमला जिला ग्रामीण में भाजपा को जीरो पर लाए हैं। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और वीरभद्र सिंह के नेतृत्व पर पूरा भरोसा है।
यहां जानिए कब, क्या हुआ
12 अप्रैल : बलदेव ठाकुर ने शिमला में पत्रकार वार्ता कर वीरभद्र सिंह ब्रिगेड बनाने की घोषणा की। इस मौके पर राजकुमारी सोनी और केहर सिंह खाची भी मौजूद रहे। 13 अप्रैल- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के हस्तक्षेप के बाद दूसरे ही दिन ब्रिगेड को निरस्त कर दिया गया।
ब्रिगेड में था कई विधायकों-पूर्व मंत्रियों का नाम
ब्रिगेड में अपने नाम पाकर कई कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई। ब्रिगेड में विधायक बंबर ठाकुर, पूर्व मंत्री गंगूराम मुसाफिर, चंद्र कुमार, सत्यप्रकाश ठाकुर, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह पठानिया, राजेंद्र राणा, डॉ. सुभाष मंगलेट, पूर्व सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह के नाम शामिल थे।