फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   baksho devi will participate in state level race at dharamshala.

फिर जीतने उतरेगी बख्शो, मगर बीमारी तोड़ सकती है सपना

Sat, 26 Dec 2015 09:03 AM IST
Updated Sat, 26 Dec 2015 09:03 AM IST
विज्ञापन
baksho devi will participate in state level race at dharamshala.

शून्य डिग्री तापमान में नंगे पांव पांच हजार मीटर की दौड़ पूरी कर गोल्ड जीतने वाली उड़नपरी बख्शो देवी के लिए राज्य स्तरीय प्रतियोगिता की डगर आसान नहीं होगी। बख्शो रविवार को धर्मशाला में होने वाली मध्यम और लंबी दूरी की प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में दौड़ने के लिए तैयार है। कुदरत ने उसे गरीबी के साथ बीमारी भी ऐसी दी है, जिससे उसके सपनों के टूटने का डर है।

विज्ञापन


दरअसल, बख्शो के पेट में पत्थरी है। इसके चलते मुफलिसी में दिन काट रही उसकी मां के पास बेटी के आपरेशन के लिए पैसे नहीं। यही वजह है कि स्कूल के अध्यापक उसे कोचिंग देते वक्त इस बात से डरते हैं कि कहीं उसे पेट में तेज दर्द न उठे। बावजूद इसके बख्शो की जिद के आगे शारीरिक अध्यापक भी कुछ नहीं कर पाए और उसे कोचिंग देने को तैयार हुए।
विज्ञापन


राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ईसपुर में तैनात पीटीआई तरसेम सैणी ने बताया कि पत्थरी की दर्द की वजह से उसे प्रतियोगिता की तैयारी करवाना मुश्किल है। लिहाजा, पहले उसे एक अदद इलाज की जरूरत है। धर्मशाला के सिंथेटिक ट्रैक पर बख्शो अंडर-19 के खिलाड़ियों के साथ 5 हजार मीटर दौड़ के लिए मुकाबला करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

धर्मशाला के सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ेगी गरीब उड़नपरी

baksho devi will participate in state level race at dharamshala.

ऊना में शून्य डिग्री तापमान में नंगे पांव दौड़कर गोल्ड जीतने वाली बख्शो देवी रविवार को धर्मशाला में दौड़ेंगी। वह युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की ओर से सिंथेटिक ट्रैक पर होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगी। प्रतियोगिता में गरीब बख्शो देवी को दौड़ते हर कोई देखना चाहता है। इसके चलते प्रतियोगिता के लिए खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बख्शो देवी सहित विभिन्न जिलों के 13 से 15 और 16 से 19 आयु वर्ग के करीब 120 छात्र-छात्रा वर्ग के एथलीट शनिवार को धर्मशाला पहुंचेंगे। प्रतियोगिता से नेशनल के लिए खिलाड़ियों का चयन होगा। विभिन्न आयु वर्ग में विजेता प्रतिभागी को 25 हजार, उपविजेता को 15 और तीसरा स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को 8000 रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा।

उधर, जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी एमपी भराड़िया ने बताया कि शनिवार को धर्मशाला में एथलीट पहुंच जाएंगे। प्रतियोगिता का शुभारंभ एसपी कांगड़ा अभिषेक दुल्लर करेंगे। समापन पर ज्वाइंट डायरेक्टर सुमन रावत मुख्यातिथि होंगे। प्रतियोगिता में 13 से 15 आयु वर्ग के लिए 3000 मीटर और 16 से 19 आयु वर्ग की महिला एवं पुरुष एथलीट की 5000 मीटर दौड़ प्रतियोगिता करवाई जाएगी।

बख्शो की मदद को लगातार बढ़ रहे हाथ

baksho devi will participate in state level race at dharamshala.

बख्शो देवी को भारतीय क्षत्रीय घृत चाहंग वाहती महासभा जिला संगठन ने 2100 रुपये के साथ सम्मानित किया। एडवोकेट राज कुमार ने 1100, हिम संघर्ष जागृति मंच की तरफ से 1100, कैप्टन हर्मेश चंद ने 500 रुपये की आर्थिक सहायता की। वहीं, बैकवर्ड वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों की तरफ से बख्शो देवी का बारहवीं कक्षा तक शिक्षा से संबंधित खर्च उठाने की बात कही है।

अमर उजाला की शुरू की गई मुहिम में वीरवार शाम तक बख्शो की मदद के लिए उसके खाते में दानी सज्जनों ने 14 हजार 500 रुपये जमा करवाए थे, जबकि करीब 10 हजार रुपये नकद बख्शो को दिए गए।

बख्शो को राणा देंगे 21 हजार
गरीबी तथा तंगहाली से संघर्ष करते हुए जिला स्तरीय लंबी दौड़ प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली ईसपुर की धाविका बख्शो देवी को राज्य आपदा प्रबंधन बोर्ड के उपाध्यक्ष तथा सर्वकल्याणकारी संस्था के चेयरमैन राजेंद्र राणा ने 21 हजार रुपये देने का एलान किया है। राणा ने कहा है कि अमर उजाला में इस गरीब लड़की की खबर पढ़कर उनकी आंखें भर आईं। संस्था बख्शो देवी को न केवल सम्मानित करेगी बल्कि उसका कैरियर संवारने में भी अपना योगदान देगी।

बख्शो की मां को विधवा पेंशन नहीं

baksho devi will participate in state level race at dharamshala.

गरीबी और लाचारी में जिंदगी गुजारने को मजबूर बख्शो देवी के परिवार के लिए सरकार की ओर से इससे बड़ी उदासीनता और क्या होगी कि जिस महिला के पति की नौ वर्ष पूर्व काम के दौरान मौत हो गई उसे विधवा पेंशन तक नसीब नहीं। यूं तो सरकार की ओर से गरीब और जरूरतमंदों के लिए कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं चलाई गई हैं, लेकिन इनका लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंच रहा है या नहीं।

इसका उदाहरण यह परिवार है। अपने हुनर से सबको चौंकाने वाली बख्शो देवी के पिता स्व. पवन कुमार की करीब नौ वर्ष पूर्व उस समय मौत हो गई थी जब काम के दौरान लकड़ी का ठेला ऊपर आ गिरा था। उसके बाद इस परिवार का बुरा समय शुरू हो गया। विमला देवी अपनी चार बेटियों और एक बेटे के साथ अपने पिता दाता राम के साथ एक झोपड़ी में रहती है।

बेटियों को महज हजार रुपये सालाना ओबीसी भत्ते के तौर पर मिलता है। जबकि विमला देवी विधवा पेंशन की हकदार है। ईसपुर ग्राम पंचायत प्रधान संजय पाठक के मुताबिक वह विमला देवी को पेंशन लगवाने में मदद करेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed