{"_id":"616472f58ebc3ea18928a499","slug":"bailey-bridge-ready-in-shimla-s-ghandal-vehicles-can-ply-on-the-highway-from-noon-on-october-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिमला के घंडल में बैली ब्रिज तैयार, 12 अक्तूबर को दोपहर से हाईवे पर दौड़ सकते हैं वाहन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिमला के घंडल में बैली ब्रिज तैयार, 12 अक्तूबर को दोपहर से हाईवे पर दौड़ सकते हैं वाहन
Mon, 11 Oct 2021 10:53 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 11 Oct 2021 10:53 PM IST
सार
पुल के बन जाने से 13 सितंबर से लेकर परेशान हो रही आठ जिलों की जनता को बड़ी राहत मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के मेके निकल डिविजन ढली और धामी के अधिकारियों और मजदूरों ने रिकॉर्ड 11 दिनों में कुल 110 घंटे काम कर इस पुल का निर्माण किया।
विज्ञापन
शिमला के घंडल में बैली ब्रिज तैयार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को आठ जिलों से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 205 पर बैली ब्रिज निर्माण का कार्य सोमवार देर शाम को पूरा कर लिया गया है। मंगलवार को दोपहर बाद 180 फुट लंबे इस इस पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू करने की तैयारी है। पुल के बन जाने से 13 सितंबर से लेकर परेशान हो रही आठ जिलों की जनता को बड़ी राहत मिलेगी। लोक निर्माण विभाग के मेके निकल डिविजन ढली और धामी के अधिकारियों और मजदूरों ने रिकॉर्ड 11 दिनों में कुल 110 घंटे काम कर इस पुल का निर्माण किया। पुल निर्माण के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में आम तौर पर 28 से 30 दिन लगते है, जिसे लोनिवि ने महज ग्यारह दिनों में बनाकर तैयार कर दिया। पुल निर्माण पर 1.30 करोड़ का खर्च आया है। निर्माण में मेकेनिकल डिविजन के 15 और धामी डिविजन के 15 कुल 30 मजदूरों ने दिन रात एक कर कार्य कर प्रदेश की जनता को राहत दी है।
ये भी पढ़ें: हिमाचल में सड़क हादसा: 500 फीट गहरे नाले में लुढ़की कार, तीन लोगों की मौत
सोमवार को 6 बजे मेकेनिकल डिविजन ने बैली ब्रिज की डेकिंग का कार्य पूरा कर दिया, वहीं धामी बीएंड आर डिविजन ने देर रात तक कार्य कर पुल को जोड़ने वाले रैंप को बनाने का कार्य पूरा किया। लोनिवि के मेकेनिकल डिविजन के अधिशासी अभियंता केके रावत और सहायक अभियंता कमल शर्मा ने बताया कि छह बजे तक उनकी ओर से कार्य पूरा दिया गया। वहीं धामी बीएंड आर डिविजन के अधिशासी अभियंता मान सिंह और सहायक अभियंता नवीन कौंडल ने कहा कि एक ओर का रैंप गाड़ियों के छह बजे तक तैयार कर दिया गया, दूसरी ओर का कार्य देर रात तक पूरा कर दिया जाएगा। आरसीसी की सेटिँग के लिए कुछ समय देने के बाद विभाग व प्रशासन मंगलवार को दोपहर बाद इसे वाहनों के लिए खोल सकता है।
विज्ञापन
29 सितंबर को शुरू हुआ था ब्रिज निर्माण कार्य
एनएच-205 पर घंडल में सड़क का 180 फुट हिस्सा ढह जाने के बाद से यातायात बंद हो गया था। 25 सितंबर को जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के मौके पर आने के बाद बैली ब्रिज निर्माण का कार्य लोनिवि को सौंपा गया। इसके बाद धामी बीएंड आर डिविजन ने 27 सितंबर को एक छोर का पुल का बेस तैयार किया, उसके बाद 29 को दूसरी ओर का आधार बना दिया गया था । 29 सितंबर को मेकेनिकल डिविजन ने अधिशासी अभियंता के के रावत की देखरेख में पुल निर्माण शुरू किया गया था। महज ग्यारह से बारह दिनों में लोनिवि ने पुल को बनाकर दे दिया। इस कार्य में धामी डिविजन कके 15 मजदूर और मेकेनिकल डिविजन के 15 मजदूर और तकनीकी कर्मचारी लगे थे।
टीडीआर तकनीक से बना है घण्डल वैली ब्रिज
टीडीआर(ट्रिप्पल डब्बल एनफोर्समेंट रि इनफोर्सड) 40 आर तकनीक से 180 फु ट लंबे और 3.27 मीटर चौड़े पुल का निर्माण हुआ है। जिससे पुल वाहनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। एक समय पर इससे 20 टन तक के वाहन आ जा सकेंगे।
घंडल के पास क्षतिग्रस्त एनएच 205 आज बहाल करने की तैयारी
लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुभाशीष पांडा ने बताया कि घंडल के पास क्षतिग्रस्त एनएच 205 को आज बहाल करने की तैयारी है। पुल बनकर तैयार है। रैंप बनाने का काम सोमवार की देर रात तक पूरा हो जाएगा। मंगलवार को दोपहर तक इसका आंकलन होगा। शाम तक वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सकती है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: हिमाचल में सड़क हादसा: 500 फीट गहरे नाले में लुढ़की कार, तीन लोगों की मौत
विज्ञापन
सोमवार को 6 बजे मेकेनिकल डिविजन ने बैली ब्रिज की डेकिंग का कार्य पूरा कर दिया, वहीं धामी बीएंड आर डिविजन ने देर रात तक कार्य कर पुल को जोड़ने वाले रैंप को बनाने का कार्य पूरा किया। लोनिवि के मेकेनिकल डिविजन के अधिशासी अभियंता केके रावत और सहायक अभियंता कमल शर्मा ने बताया कि छह बजे तक उनकी ओर से कार्य पूरा दिया गया। वहीं धामी बीएंड आर डिविजन के अधिशासी अभियंता मान सिंह और सहायक अभियंता नवीन कौंडल ने कहा कि एक ओर का रैंप गाड़ियों के छह बजे तक तैयार कर दिया गया, दूसरी ओर का कार्य देर रात तक पूरा कर दिया जाएगा। आरसीसी की सेटिँग के लिए कुछ समय देने के बाद विभाग व प्रशासन मंगलवार को दोपहर बाद इसे वाहनों के लिए खोल सकता है।
विज्ञापन
29 सितंबर को शुरू हुआ था ब्रिज निर्माण कार्य
एनएच-205 पर घंडल में सड़क का 180 फुट हिस्सा ढह जाने के बाद से यातायात बंद हो गया था। 25 सितंबर को जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह के मौके पर आने के बाद बैली ब्रिज निर्माण का कार्य लोनिवि को सौंपा गया। इसके बाद धामी बीएंड आर डिविजन ने 27 सितंबर को एक छोर का पुल का बेस तैयार किया, उसके बाद 29 को दूसरी ओर का आधार बना दिया गया था । 29 सितंबर को मेकेनिकल डिविजन ने अधिशासी अभियंता के के रावत की देखरेख में पुल निर्माण शुरू किया गया था। महज ग्यारह से बारह दिनों में लोनिवि ने पुल को बनाकर दे दिया। इस कार्य में धामी डिविजन कके 15 मजदूर और मेकेनिकल डिविजन के 15 मजदूर और तकनीकी कर्मचारी लगे थे।
टीडीआर तकनीक से बना है घण्डल वैली ब्रिज
टीडीआर(ट्रिप्पल डब्बल एनफोर्समेंट रि इनफोर्सड) 40 आर तकनीक से 180 फु ट लंबे और 3.27 मीटर चौड़े पुल का निर्माण हुआ है। जिससे पुल वाहनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। एक समय पर इससे 20 टन तक के वाहन आ जा सकेंगे।
घंडल के पास क्षतिग्रस्त एनएच 205 आज बहाल करने की तैयारी
लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुभाशीष पांडा ने बताया कि घंडल के पास क्षतिग्रस्त एनएच 205 को आज बहाल करने की तैयारी है। पुल बनकर तैयार है। रैंप बनाने का काम सोमवार की देर रात तक पूरा हो जाएगा। मंगलवार को दोपहर तक इसका आंकलन होगा। शाम तक वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सकती है।