फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Bail pleas of four HPU student leaders rejected.

Shimla News: एचपीयू के चार छात्र नेताओं की जमानत याचिका खारिज

Thu, 23 Jul 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Bail pleas of four HPU student leaders rejected.
फरवरी 2026 में हुई थी छात्रों में खूनी झपड़
विज्ञापन

घटना के बाद से सभी आरोपी जांच से बचते रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (सीबीआई कोर्ट) शिमला डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा की अदालत ने वेस्ट थाना क्षेत्र में एचपीयू शिमला में छात्र संगठनों के बीच हुई हिंसक झड़प और जानलेवा हमले के मामले में कड़ा रुख अपनाया है।
अदालत ने मामले में संलिप्त चार आरोपियों विक्की भारती, तिलक राज, पवन कुमार और ज्ञानेश की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि आरोपी लंबे समय तक जांच से बचते रहे और वारदात में इस्तेमाल किए हथियारों की बरामदगी तथा निष्पक्ष जांच के लिए उनकी हिरासत में पूछताछ (कस्टोडियल इंटरोगेशन) जरूरी है। यह मामला 27 फरवरी 2026 को दर्ज एफआईआर से संबंधित है।
विज्ञापन

पुलिस थाना वेस्ट शिमला में दर्ज शिकायत के अनुसार एक राजनीतिक छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने एचपीयू शिमला परिसर में डीएस ऑफिस के बाहर दूसरे छात्र संगठन के छात्रों पर धारदार हथियारों से हमला किया था जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शिकायतकर्ता अंकित चंदेल और घायल भवानी ठाकुर के बयानों तथा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। अदालत ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि घायलों की मेडिकल रिपोर्ट (एमएलसी), सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की प्रारंभिक जांच से प्रथम दृष्टया आरोपियों की इस गंभीर अपराध में संलिप्तता साबित होती है। आरोपियों ने इससे पहले 4 मई 2026 को भी अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर की थीं, जिन्हें 25 मई 2026 को वापस ले लिया था। इससे स्पष्ट होता है कि वह कानून की प्रक्रिया से बचने का प्रयास कर रहे थे। अदालत ने यह भी पाया कि आरोपियों ने अपनी वर्तमान याचिकाओं में यह तथ्य छिपाया था कि उन्होंने पहले भी अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर कर बाद में वापस ले ली थीं। महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने के कारण भी उनकी याचिकाएं विचारणीय नहीं पाई गईं। सिरमौर निवासी आरोपी पवन कुमार पहले से ही दंगा भड़काने और अन्य मामलों में दर्ज तीन मुकदमों का सामना कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आरोपियों को अग्रिम जमानत देने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article