Baddi fire: परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप, बोले- कामगार जल गए, अफसरों को कुछ नहीं हुआ
झाड़माजरी के बद्दी में हिलटॉप स्थित परफ्यूम बनाने वाली अरोमा फैक्टरी में हुए भीषण अग्निकांड के प्रभावितों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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परिजन बोले-दो दिन से भूखे-प्यासे मौके पर, प्रशासन से मिल रहे धक्के
झाड़माजरी अग्निकांड में जहां एक ओर प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर थीं, वहीं लापता लोगों के परिजन बिना कुछ खाए-पीए मौके पर डटे हुए हैं। रातभर ठंड के बीच परिजन आग बुझने का इंतजार करते रहे। परिजनों का कहना है कि प्रशासन से धक्के ही मिल रहे हैं। शुक्रवार दोपहर आग लगने का पता चलते ही परिजन मौके पर पहुंच गए थे। पहले तो उन्होंने अस्पतालों में अपनों को खोजा, उसके बाद थाने में पहुंचे, मगर जब जानकारी नहीं मिली तो घटनास्थल पर पहुंच गए। अब लगातार मौके पर ही वह डटे हुए हैं। मोबाइल पर प्रशासन और पुलिस को परिजनों की तस्वीरें दिखा रहे हैं, मगर उन्हें निराशा ही मिल रही है। परिजन रोते-बिलखते परिजनों के मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं।
बेटी को खोज रहीं काजल
लापता काजल की मां ने बताया कि वह शुक्रवार दोपहर बाद से मौके पर हैं। अपनी बेटी को खोज रही हैं। मगर न तो पुलिस कुछ बता रही है और न ही प्रशासन। उन्होंने कहा कि चार शव निकाले गए, मगर वह भी दिखाए नहीं। उन्हें भी नालागढ़ भेज दिया है।
शवों की पहचान करने भी नहीं बुलाया
पिंटू ने कहा कि उनकी भतीजी शुक्रवार से लापता है। सबसे पहले वह मौके पर पहुंचे। उसके बाद अस्पताल में भी गए। वहां पर जब जानकारी नहीं मिली तो पुलिस थाने में चले गए। उसके बाद घटनास्थल पर पहुंचे। अब रातभर से चाय तक नहीं पी। प्रशासन से जब कुछ पूछ रहे हैं तो केवल धक्के ही मिल रहे हैं। शव मिलने के बाद भी पहचान करवाने नहीं बुला रहे।
भांजी जिंदा है या नहीं
लापता रहनुमा के मामा सतनाम ने बताया कि उनकी भांजी दो साल से इस कंपनी में काम कर ही है। प्रशासन यह नहीं बता रहा है कि उनकी बच्ची जिंदा है या मर गई। शव की शिनाख्त तक नहीं करवा रही। रातभर वह घटनास्थल पर ही थे। मगर कोई भी उनसे बात करने को तैयार नहीं है।
धक्के मारकर भगाया
लापता शशि के पिता ने कहा कि कई घंटों से इधर से उधर भटक रहे हैं। बेटी की तलाश कर रहे हैं। तीन महीने से बेटी यहां पर काम करती थी। अस्पताल, पुलिस थाना समेत कई जगह पर चक्कर काटे, मगर कुछ नहीं मिला। अब पुलिस आगे तक नहीं जाने दे रही। प्रशासन व पुलिस सहयोग नहीं कर रही। धक्के मारकर भगा रहे हैं।