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Baba Balak Nath Deotsiddh: इस मंदिर में गुरु शिष्य का एक अनोखा उदाहरण, करीब 900 साल पुराना इतिहास आज भी मौजूद

Thu, 02 May 2024 04:43 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Published by: अंकेश डोगरा Updated Thu, 02 May 2024 04:43 PM IST
सार

विश्व प्रसिद्ध सिद्ध पीठ धाम बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध में गुरु शिष्य का एक अनोखा उदाहरण भी विश्व में प्रसिद्ध है। आधिकारिक तौर पर लिखित दस्तावेजों के अनुसार करीब 900 साल पुराना इतिहास मौजूदा महंत के पास मौजूद है। 

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Baba Balak Nath Temple Deotsidh About 900 years old history is still present with Mahant
बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

विश्व प्रसिद्ध सिद्ध पीठ धाम बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध में गुरु शिष्य का एक अनोखा उदाहरण भी विश्व में प्रसिद्ध है। इसी परंपरा का प्रचलन हजारों वर्ष पुराना है। परंतु आधिकारिक तौर पर लिखित दस्तावेजों के अनुसार करीब 900 साल पुराना इतिहास मौजूदा महंत के पास मौजूद है। मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालु बाबा की गुफा में माथा टेकने के बाद मौजूदा महंत राजेंद्र गिरी महाराज के दर्शनों को भी आते हैं।

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वर्ष 1987 में सरकार के अधिग्रहण के बाद मंदिर में पूजा पद्धति का सारा कार्य भार महंत के हाथों में था। क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इन महंतों की दूर दृष्टि का ही फल है कि वर्ष 1987 न्यास गठन से पहले महंत शिव गिरी महाराज द्वारा चकमोह गांव में बाबा बालक नाथ महाविद्यालय विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय व बाबा बालक नाथ हाई स्कूल की स्थापना कर दी गई थी।
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न्यास गठन से पूर्व बाबा बालक नाथ मंदिर में लंगर परंपरा को भी महंत शिव गुरु द्वारा ही शुरू किया गया था। परंतु न्यास गठन के बाद इन शिक्षण संस्थाओं का अधिग्रहण भी न्यास द्वारा कर लिया गया जो कि अब बाबा बालक नाथ न्यास द्वारा संचालित किया जा रहा है। मौजूदा महंत राजेंद्र गिरी ने कहा कि मौजूदा समय को देखते हुए श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए एक महंत निवास का निर्माण करवाया गया है। एक अन्य सराय में भी ठहरने का प्रबंध है जिसका संचालन महंत निवास प्रशासन कर रहा है।

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