श्रीखंड गए महाराष्ट्र के श्रद्धालु की सांस फूलने से मौत, भूस्खलन से चार घायल
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श्रीखंड यात्रा शुरू होने के तीसरे दिन पार्वती बाग के पास महाराष्ट्र के एक श्रद्धालु की मौत हो गई है। सुभाष पाटिल (74) करीब 31 सदस्यीय टीम के साथ यात्रा पर निकले थे, जहां बुधवार दोपहर को उनकी सांस फूलने से मौत हो गई। वहीं मंगलवार देर रात यात्रा मार्ग पर पार्वती बाग में नैन सरोवर के पास भूस्खलन की चपेट में आने से चार श्रद्धालु घायल हो गए, जबकि 50 बाल-बाल बच गए।
घायलों को प्राथमिक उपचार देकर पार्वती बाग से सुरक्षित स्थल भीमड्वार लाया जा रहा है। खराब मौसम के चलते प्रशासन ने यात्रा को आंशिक रूप से रोक दिया है और यात्रियों की बेसकैंप सिंहगाड में पंजीकरण प्रक्रिया भी रोक दी है।
एसडीएम आनी चेत सिंह ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। इस घटना में चार श्रद्धालु घायल हो गए, जबकि तीन लापता हो गए थे। घायलों को 6:30 बजे पार्वती बाग कैंप में लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें भीमड्वार लाया जा रहा है। लापता और भूस्खलन के बाद वहां फंसे कुछ श्रद्धालुओं को भी बीती रात कठिन परिस्थितियों में प्रशासनिक टेीम, बचाव दल, पोर्टर्स और पुलिस जवानों ने सुरक्षित निकाल लिया।
भूस्खलन की चपेट में आने से घायल हुए श्रद्धालुओं में लुधियाना के राजीव, पुणे के विवेक, महाराष्ट्र के एक बाबा, पुणे के नमलेश पटेल शामिल हैं। इसके अलावा अहमदाबाद से आईं महिला श्रद्धालु दिव्यांगनी व्यास को पार्वती बाग से एक किमी ऊपर से सुरक्षित निकाला गया, यहां इनको ऑक्सीजन की कमी के कारण घुटन हो रही थी।
भूस्खलन के बाद प्रशासन ने यात्रा को आंशिक रूप से रोक दिया है। स्थिति सामान्य होने के बाद यात्रा फिर शुरू होगी। एसडीएम आनी ने बताया कि यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहरने के निर्देश दिए गए हैं।
विभिन्न स्थानों पर फंसे हैं पांच हजार श्रद्धालु
भूस्खलन के बाद श्रीखंड यात्रा पर लगी रोक से करीब पांच हजार श्रद्धालु विभिन्न स्थानों पर फंस गए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जिस स्थान पर हैं, मौसम साफ होने तक वहीं रहें। इससे भीमडवारी, थाचड़ू, कुंशा, पार्वती बाग सहित अन्य पड़ावों में लगाए गए अस्थायी टेंट श्रद्धालुओं से भर गए हैं।
इधर, बेस कैंप सिंहगाड में फिलहाल यात्रियों का पंजीकरण बंद कर दिया गया है। श्रीखंड महादेव यात्रा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष चेत सिंह ने बताया कि जो श्रद्धालु दर्शन कर लौट रहे थे, उन्हें बेस कैंप तक वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जो भक्त यात्रा पर जा रहे हैं, उन्हें उसी स्थान पर रुकने के लिए कहा गया है।