{"_id":"653d32769747f3256d0c7cce","slug":"automatic-dipper-light-will-prevent-accidents-happening-at-night-two-girl-students-made-a-model-2023-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mandi News: रात को होने वाले हादसों को रोकेगी ऑटोमेटिक डिपर लाइट, दो छात्राओं ने बनाया मॉडल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mandi News: रात को होने वाले हादसों को रोकेगी ऑटोमेटिक डिपर लाइट, दो छात्राओं ने बनाया मॉडल
Sun, 29 Oct 2023 10:55 AM IST
Krishan Singh
त्रिपुरारी सांख्यान, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
त्रिपुरारी सांख्यान, संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: Krishan Singh
Updated Sun, 29 Oct 2023 10:55 AM IST
सार
आटोमेटिक डिपर लाइट के माध्यम से रात को रोशनी के कारण जो हादसे होते हैं, उनको रोका जा सकेगा।
विज्ञापन
कमलाह स्कूल की छात्राओं ने तैयार किया मॉडल।
- फोटो : संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रात को वाहनों की लाइट से होने वाले हादसों को रोकने के लिए एक ऑटोमेटिक डिपर सिस्टम का विकल्प सामने आया है। इस आटोमेटिक डिपर लाइट के माध्यम से रात को रोशनी के कारण जो हादसे होते हैं, उनको रोका जा सकेगा। यह सिस्टम कुछ इस तरह से काम करता है कि सामने से आने वाली वाहन की रोशनी के संपर्क में आते ही गाड़ी की अपर लाइट खुद ही बंद हो जाएगी। इससे आंखों पर लाइट का प्रभाव नहीं पड़ेगा और चालक आराम से गाड़ी को चला सकता है।
विज्ञापन
इस तकनीक से वाहन बनाने वाली कंपनियों को बहुत अधिक मदद मिल सकती है और यह वाहनों हादसों को रोकने में काफी मददगार साबित होगी। यह मॉडल राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कमलाह फोर्ट की 10वीं कक्षा की छात्राओं ने तैयार किया है। उन्होंने इसे दुर्घटनाओं से बचाव के लिए स्वचालित अपर डिपर लाइट नाम दिया है। यह मॉडल उन्होंने रसायन विज्ञान के प्रवक्ता राकेश के मार्गदर्शन में बनाया है।
विज्ञापन
इस माडल को तैयार करने में एलडीआर, रिले, ट्रांजिस्टर, चार एलडी, बैटरी और लकड़ी का प्रयोग किया गया है। छात्रा नताशी ने बताया कि उन्होंने जब यह पढ़ा कि भारत में डिपर लाइट नहीं देने से 5,000 हादसे रोजाना हो जाते हैं तो उनके मन में यह बात आई कि इस तरह से डिपर लाइट बनाई जाए कि इन हादसों को रोका जा सके।
विज्ञापन
इस तरह से तैयार किया माॅडल
इसमें इस्तेमाल होने वाली सभी चार एलईडी के सकारात्मक टर्मिनलों को एक-दूसरे के साथ जोड़ा गया। दो एलईडी के नकारात्मक दो ऊपरी टर्मिनलों को रिले के एक बिंदु से साथ जोड़ा गया। रिले के दूसरे बिंदु पर डिपर एलईडी के नकारात्मक टर्मिनल ऊपरी एलईडी को करंट देते हैं। रिले अपर एलईडी को एक टाइम में करंट देगा और दूसरे समय में डिपर एलईडी पर करंट देता है।
इससे जब प्रकाश एलडीआर पर पड़ता है तो यह डिपर को करंट देता है। जब प्रकाश एलडीआर पर नहीं पड़ता है तो यह ऊपरी हिस्से को करंट देता है। करंट देने वाले बटन को जब ऑन किया जाता है तो अपर लाइट जल जाएगी और इस पर जब दूसरे वाहनों की लाइट पड़ेगी तो अपर लाइट बंद हो जाएगी, जिससे हादसे होने की बहुत कम संभावना रहेगी।
क्या कहते हैं केमिस्ट्री के प्रवक्ता
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कमलाह फोर्ट के रसायन विज्ञान के प्रवक्ता राकेश ने बताया कि छात्राओं ने इस मॉडल को बनाने में काफी मेहनत की है। इस मॉडल को बनाने में बहुत अधिक खर्च भी नहीं आएगा और यह वाहन कंपनियों को काफी फायदेमंद रहेगा।