फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   ATIC can used as a residence in shimla

शहर में अब एटिक में भी मिलेगी रिहायश की सुविधा

Mon, 17 Jan 2022 11:00 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jan 2022 11:00 PM IST
विज्ञापन
ATIC can used as a residence  in shimla
भवन निर्माण का प्लान तैयार, शहरी विकास मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा
विज्ञापन

जल्द जनता के सुझाव लेकर देंगे इसे अंतिम रूप
सड़क से जुड़े भवनों में मिलेगी पार्किंग फ्लोर की छूट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में भवन निर्माण को लेकर टीसीपी विभाग ने डेवलपमेंट प्लान तैयार कर लिया है। सोमवार को शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने इस प्लान पर टीसीपी, शहरी विकास विभाग और नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। निर्देश दिए कि जल्द इस प्लान को अंतिम रूप दिया जाए।
अभी शहर के कोर एरिया में भवन निर्माण पर एनजीटी ने पाबंदी लगा रखी है। टीसीपी विभाग ने जो प्लान तैयार किया है, उसे मंजूरी मिलते ही लोग इस एरिया में भी भवन निर्माण कर सकेंगे। प्लान के अनुसार शहर को तीन क्षेत्रों ग्रीन, कोर और नॉन कोर एरिया में बांटा गया है। इन तीनों में शर्तों के साथ भवन निर्माण की छूट देने की तैयारी है। खास बात यह है कि एटिक की ऊंचाई 2.75 मीटर से बढ़ाकर करीब तीन मीटर किया है। साथ ही इसे अब रिहायश के तौर पर भी इस्तेमाल करने की छूट दी जाएगी।
विज्ञापन

ग्रीन एरिया में भवन निर्माण की सख्त शर्तें लागू की गई हैं। क्षेत्र में बनने वाले भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था करनी होगी। भवन निर्माण के लिए पेड़ नहीं काटे जा सकेंगे। यानि जिस जमीन पर पेड़ होंगे वहां निर्माण की अनुमति नहीं मिलेगी। हरे पड़े के दो मीटर की दूरी पर ही निर्माण की मंजूरी मिलेगी। वन क्षेत्र से करीब पांच मीटर की दूरी होना जरूरी है। इस क्षेत्र में शर्तों के साथ ओल्ड लाइन पर भवन निर्माण की छूट दी जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शर्तों के साथ ग्रीन एरिया में
बना सकेंगे रिहायशी भवन
शिमला। शहर में 17 स्थान ऐसे हैं जिन्हें ग्रीन एरिया घोषित किया है। इन क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए कई सख्त शर्तें रखी गई हैं। यहां सिर्फ रिहायश के लिए निर्माण करने की मंजूरी मिलेगी। प्रस्ताव के अनुसार यहां दो मंजिला भवन और एटिक बनाने की छूट रहेगी। यहां चेंज ऑफ लैंड यूज की अनुमति नहीं मिलेगी। भवन निर्माण के लिए पहाड़ी की अधिकतम खुदाई भी साढ़े तीन मीटर तक ही की जा सकेगी। शहर में ग्रीन एरिया के तहत जाखू, बैनमोर, लक्कड़ बाजार, संजौली, भराड़ी, छोटा शिमला, बालूगंज, चौड़ा मैदान, आरटीओ कार्यालय से सटे कई हरे क्षेत्र शामिल हैं। वहीं सर्कुलर रोड से ऊपर का क्षेत्र कोर एरिया माना गया है। सर्कुलर रोड से बाहर का क्षेत्र नॉन कोर एरिया है।
कोर एरिया में बना सकेंगे दो मंजिल और एटिक
शहर के कोर एरिया में अब दो मंजिला भवन बनाने की छूट देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा एटिक बनेगी। ऐसे भवन जो सड़क से जुड़े हैं, वहां पार्किंग फ्लोर बनाने की भी छूट दी जाएगी। इस तरह पार्किंग फ्लोर वाले भवन की अधिकतम ऊंचाई 13 मीटर रहेगी। बिना पार्किंग फ्लोर वाले भवन की अधिकतम ऊंचाई 10 मीटर रहेगी। पार्किंग को जोड़ने वाली सड़क कम से कम तीन मीटर चौड़ी होनी चाहिए।
नॉन कोर एरिया में बनेगा
तीन मंजिला भवन और एटिक
नॉन कोर एरिया में तीन मंजिला भवन बनाने की छूट रहेगी। इसके अलावा एटिक बनगी। इस क्षेत्र में भी जो भवन सड़क सुविधा से जुड़े होंगे, वहां एक पार्किंग फ्लोर की भी छूट रहेगी। यहां भवन की अधिकतम ऊंचाई 16.50 मीटर रहेगी। इनमें पार्किंग फ्लोर नहीं बनेगा, उन भवनों की अधिकतम ऊंचाई 13.50 मीटर रहेगी।

यह रहेंगे सेटबैक के नियम
शहर के कोर और नॉन कोर एरिया में भवन निर्माण के लिए सेटबैक के नियम भी लागू रहेंगे। इसके अनुसार 150 से 250 वर्ग मीटर जमीन पर बनने वाले भवनों के आगे दो मीटर, किनारों पर 1.5 मीटर जबकि पीछे 1.5 मीटर का सेटबैक छोड़ना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed