{"_id":"652185ef96f5df13160681e8","slug":"as-soon-as-monsoon-leaves-electricity-production-in-himachal-reduced-by-25-percent-banking-will-start-from-t-2023-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: मानसून विदा होते ही हिमाचल में 25 फीसदी घटा बिजली उत्पादन, बैंकिंग शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: मानसून विदा होते ही हिमाचल में 25 फीसदी घटा बिजली उत्पादन, बैंकिंग शुरू
Mon, 09 Oct 2023 09:53 AM IST
Krishan Singh
अनिमेष कौशल, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
अनिमेष कौशल, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 09 Oct 2023 09:53 AM IST
विज्ञापन
बिजली(सांकेतिक)
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश से मानसून विदा होते ही राज्य में बिजली उत्पादन 25 फीसदी तक घट गया है। अमूमन अक्तूबर के अंत तक ऐसे हालात होते थे। इस वर्ष मानसून सीजन की शुरुआत में ही भारी बारिश होने और बाद में कम बारिश होने से नदियों में पानी कम होने से बिजली उत्पादन में कमी आई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम जल्द ठंडा होने से जल स्रोत भी जमना शुरू हो गए हैं। इन कारणों के चलते बिजली उत्पादन अक्तूबर के पहले सप्ताह में भी प्रभावित हो गया है।
विज्ञापन
प्रदेश में आजकल प्रतिदिन 350 लाख यूनिट बिजली की मांग है जबकि जबकि उपलब्धता 335 लाख यूनिट की है। ऐसे में राज्य रविवार से दिल्ली की दो कंपनियों से बैंकिंग पर रोजाना 56 लाख यूनिट बिजली लेना शुरू करेगा। प्रदेश ने सर्दियों का मौसम शुरू होते ही अन्य राज्यों को शनिवार से बिजली देना भी बंद कर दिया है। अब गर्मियों के मौसम में अन्य राज्यों को उधार पर दी गई बिजली को मार्च 2024 तक वापस लिया जाएगा। अभी बिजली की आवश्यकता बहुत अधिक नहीं है। ऐसे में दिल्ली की दो कंपनियों बीआरपीएल और बीवाईपीएल से बैंकिंग व्यवस्था शुरू की गई है।
विज्ञापन
इसकी शुरुआत प्रतिदिन 56 लाख यूनिट से की गई है। आने वाले दिनों में यह मात्रा 80 से 90 लाख यूनिट तक जाएगी। 16 अक्तूबर से पंजाब से भी बैंकिंग पर बिजली लेना शुरू कर दिया जाएगा। प्रदेश में बिजली की मांग और अधिक बढ़ने पर सबसे पहले परियोजनाओं से रॉयल्टी के तौर पर मिलने वाली निशुल्क बिजली की खरीद की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अन्य राज्यों से बिजली खरीदी जाएगी। उधर, 126 मेगावाट क्षमता की लारजी जलविद्युत परियोजना अभी ठप हैं। बीते दिनों हुई भारी बारिश के चलते परियोजना को काफी नुकसान हुआ है। दिसंबर तक इस परियोजना के चालू होने की संभावना है।
विज्ञापन