सेना के रिटा. कर्नल ने अनुराग पर साधा निशाना, कहा-शान के लिए बने लेफ्टिनेंट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कर्नल बीसी लगवाल ने हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक निगम के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक का पदभार ग्रहण कर लिया है। वीरवार को हमीरपुर स्थित निगम कार्यालय में कुर्सी पर बैठते ही कर्नल लगवाल ने सांसद एवं बीसीसीआई अध्यक्ष लेफ्टिनेंट अनुराग ठाकुर पर तीखा हमला बोला। कहा कि अनुराग ठाकुर केवल अपनी शान के लिए लेफ्टिनेंट बने हैं। दिखावे के लिए बने लेफ्टिनेंट सेना के फौजियों की तरह सर्जिकल स्ट्राइक नहीं कर सकते।
फौजियों को सेना में सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी ट्रेनिंग दी जाती है, जो अनुराग ठाकुर के हासिल नहीं की है। कर्नल लगवाल ने कहा कि वह पूर्व सैनिकों की हितों की लड़ाई पहले सड़क पर लड़ रहे थे, लेकिन अब प्रदेश सरकार ने उन्हें एक जिम्मेदार पद पर नियुक्ति प्रदान की है, जिसके चलते वह अब एक प्रशासक के रूप में फौजियों की लड़ाई लड़ेंगे।
ओआरओपी का नहीं मिल रहा लाभ
हिप्र पूर्व सैनिक निगम के सभागार में आयोजित पत्रकारवार्ता में कर्नल लगवाल ने कहा जिस तरह बिहार रेजीमेंट, गढ़वाल और कुमाऊं रेजीमेंट के अपने-अपने राज्यों में ट्रेनिंग सेंटर और मुख्यालय हैं, उसी तरह डोगरा रेजीमेंट का ट्रेनिंग सेंटर भी हिमाचल में होना चाहिए।
डोगरा रेजिमेंट ट्रेनिंग सेंटर और सीएसडी कैंटीन के लिए ऊना जिला में जमीन चिन्हित कर ली गई है, शेष औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करवाई जाएंगी। तीसरी प्राथमिकता सैनिकों की वीर नारियों और सिपाही से हवलदार रैंक के फौजियों की बेसिक पेंशन बढ़ाना है। इसके अलावा सुरक्षा गार्डों और बरमाणा ट्रक आपरेटरों की समस्याओं का हल भी किया जाएगा।
उन्होंने नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पीसीसी अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू का धन्यवाद किया। कर्नल लगवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने वन रैंक वन पेंशन को वन रैंक फाइव पेंशन में बदल दिया है। अगर 15 जून 2015 को जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन न करते तो मोदी सरकार 2019 तक ओआरओपी को टाल देती। ओआरओपी की भिन्नताओं को दूर करने के लिए 515 दिन से पूर्व सैनिक आंदोलन कर रहे हैं।