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Shimla News: जुन्गा के राहुल ने फतह की लद्दाख की लागपो चोटी
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शिमला। राजधानी से सटे जुन्गा के एक छोटे से गांव से निकलकर हिमालय की ऊंची चोटियों तक पहुंचने का राहुल ठाकुर का सफर अब एक खास मुकाम पर है।
रिकी माउंटेनियर के नाम से पहचान बना चुके राहुल ने 26 अक्तूबर को लद्दाख की करीब 6400 मीटर ऊंची लागपो चोटी फतह की है। छह हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 49 अलग-अलग चोटियों पर चढ़ाई करने के बाद अब उनका अगला लक्ष्य दिसंबर में प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी माउंट रियो पुरग्यिल को फतह करना है। यह चढ़ाई उनके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की 50वीं चोटी होगी। राहुल की कहानी की शुरुआत शिमला के जुन्गा क्षेत्र से हुई। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई राजकीय विद्यालय कोटी से पूरी की। स्कूली शिक्षा के बाद पहाड़ों के प्रति उनका आकर्षण उन्हें पर्वतारोहण की ओर ले गया। इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्होंने पर्वतारोहण के साथ खोज एवं बचाव अभियानों से जुड़े प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी किए। लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में त्सो मोरीरी झील के आसपास स्थित लागपो पर्वत समुद्रतल से करीब 6400 मीटर की ऊंचाई पर है। संवाद
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रिकी माउंटेनियर के नाम से पहचान बना चुके राहुल ने 26 अक्तूबर को लद्दाख की करीब 6400 मीटर ऊंची लागपो चोटी फतह की है। छह हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाली 49 अलग-अलग चोटियों पर चढ़ाई करने के बाद अब उनका अगला लक्ष्य दिसंबर में प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी माउंट रियो पुरग्यिल को फतह करना है। यह चढ़ाई उनके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की 50वीं चोटी होगी। राहुल की कहानी की शुरुआत शिमला के जुन्गा क्षेत्र से हुई। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई राजकीय विद्यालय कोटी से पूरी की। स्कूली शिक्षा के बाद पहाड़ों के प्रति उनका आकर्षण उन्हें पर्वतारोहण की ओर ले गया। इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्होंने पर्वतारोहण के साथ खोज एवं बचाव अभियानों से जुड़े प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी किए। लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र में त्सो मोरीरी झील के आसपास स्थित लागपो पर्वत समुद्रतल से करीब 6400 मीटर की ऊंचाई पर है। संवाद