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Apple Season: सेब पर मौसम की मार, 11 साल में सबसे कम कारोबार, 60 फीसदी कम पहुंचीं पेटियां
Thu, 19 Oct 2023 02:54 PM IST
अरविन्द ठाकुर
भारती शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
भारती शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 19 Oct 2023 02:54 PM IST
सार
पराला मंडी में इस वर्ष 17 लाख 29 हजार 967 पेटियां ही सेब पहुंचा, जबकि पिछले वर्ष 27 लाख 58 हजार 320 पेटियां सेब की पहुंची थीं।
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फाइल फोटो
- फोटो : संवाद
विस्तार
राजधानी में मौसम की मार सबसे ज्यादा सेब सीजन पर पड़ी है। पिछले 11 साल में इस बार सबसे कम सेब कारोबार हुआ है। इससे बागवानों और आढ़तियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में सेब सीजन खत्म हो गया है। पिछले वर्ष जहां भट्ठाकुफर फल मंडी में 20 लाख 49 हजार 412 सेब की पेटियां पहुंची थी, वहीं इस बार मंडी में 8 लाख 10 हजार 108 पेटियां ही सेब पहुंचा।
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कारोबारियों के अनुसार इसका सबसे बढ़ा कारण कम फसल और मौसम की मार है। इस वर्ष सीजन देरी से शुरू होने के बाद भी जल्दी खत्म हो गया। इस वर्ष 20 जून के बाद सेब भट्ठाकुफर फल मंडी पहुंचना शुरू हो गया था। भट्ठाकुफर फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान प्रताप चौहान ने बताया कि पिछले वर्ष सेब सीजन जून के पहले हफ्ते में ही शुरू हो गया था और नवंबर के दूसरे हफ्ते तक चला।
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इस वर्ष सीजन अक्तूबर में ही खत्म हो गया। पिछले करीब एक हफ्ते से मंडी में सेब आना बंद हो गया है। वहीं पराला मंडी में भी इस वर्ष 17 लाख 29 हजार 967 पेटियां ही सेब पहुंचा, जबकि पिछले वर्ष 27 लाख 58 हजार 320 पेटियां सेब की पहुंची थीं।
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इस वर्ष भट्ठाकुफर फल मंडी में सेब कारोबार कम हुआ है। किलो के हिसाब से सेब बिकने की वजह से भट्ठाकुफर फल मंडी में कम आढ़ती और लदानी रह गए थे। वहीं ज्यादातर बागवानों ने अपना सेब भी बाहरी मंडियों में बेचा है। - देवराज कश्यप, सचिव, एपीएमसी शिमला किन्नौर