बागवानी: बागवानों को नहीं मिल रहा एक माह तक सेब का भुगतान
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हिमाचल के बागवानों को नहीं एक माह तक बिके हुए सेब का भुगतान नहीं हो रहा है। प्रदेश की विभिन्न मंडियों में व्यवस्था नहीं सुधर रही। हजारों सेब बागवानों को सरकार ने अपने ही हाल पर छोड़ दिया है और बागवानों की समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा।
आढ़ती बागवानों से सेब खरीद रहे हैं और लदानियों को आगे बेचा जा रहा है लेकिन बागवानों को चैक जारी कर एक माह बाद की तारीख दी जा रही हैं। हाल ही में सरकार के आन लाइन भुगतान करने के निर्देश दिए हैं परंतु आढ़तियों पर कोई असर नहीं हो रहा।
राज्य की मंडियों में पिछले कई साल से आढ़तियों ने ऐसी व्यवस्था कर रखी है कि बागवानों को सेब बेचने के तुरंत बाद भुगतान नहीं किया जाता। मध्यम और छोटे बागवान जब अपना सेब बेचने मंडियों में आते हैं तो आढ़ती पहली शर्त नहीं लगाता है कि पेमेंट 15 दिन बाद किया जाएगा।
बागवान सेब बेचकर चले जाते हैं और 15 दिन बात भुगतान लेने आढ़तियों के पास पहुंचते हैं। या फिर बागवानों को पहले ही 15 दिन बाद का चैक जारी किया जाता है।
क्या कहते हैं किसान संघर्ष समिति सचिव
अब आढ़तियों ने बागवानों का सेब खरीदने के बाद एक माह का समय मांगना शुरू कर दिया है। बागवानों का सेब खरीदने के एक माह बाद भुगतान किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश किसान संघर्ष समिति सचिव संजय चौहान कहते हैं कि सरकार ने एडवाइजरी जारी कर रखी है कि सेब बेचने के बाद बागवान आढ़तियों से आन लाइन पेमेंट ही लें।
पहले आढ़ती बागवानों को भुगतान करने के लिए 15 दिन का समय मांगते थे और अब आढ़तियों ने एक माह बाद के चैक देने आरंभ कर दिए हैं। इससे बागवानों को और आर्थिक शोषण हो रहा है। मंडियों में व्यवस्था नहीं सुधर रही है और बागवानों कोे अपने ही हाल में छोड़ दिया है।