अपराजिता में आईजीएमसी के प्राचार्य बोले- नर्सों का शांत स्वभाव होना और बेहतर संवाद करना जरूरी
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आईजीएमसी के अटल सभागार में बुधवार को अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सिस्टर निवेदिता नर्सिंग कॉलेज की 196 प्रशिक्षु छात्राओं ने इसमें हिस्सा लिया।
आईजीएमसी के प्राचार्य डॉ. रविचंद शर्मा ने नर्सिंग का प्रशिक्षण हासिल कर रहीं प्रशिक्षुओं को फ्लोरेंस नाइटेंगल के बारे में जानकारी दी। प्राचार्य ने कहा कि नर्सिंग प्रशिक्षण हासिल करने के बाद स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देनी
वाली नर्सिंग प्रोफेशन से जुड़ी छात्राएं फ्लोरेंस नाइटेंगल की तरह कार्य को निष्ठा से करें। प्राचार्य ने कहा कि नर्सिंग का प्रशिक्षण ग्रहण कर रहीं प्रत्येक छात्रा उन तमाम बच्चों और महिलाओं के लिए उदाहरण हैं जोकि समाज में अन्य महिलाओं को हौसला देती हैं।
मरीजों के गुस्से को शांत करने के लिए बेहतर संवाद रखे
अस्पताल में मरीजों के आने का सिलसिला लगातार रहता है इसलिए मरीजों का गुस्सा डॉक्टर से पहले नर्सों पर फूटता है इसलिए वह मरीजों के गुस्से को शांत करने के लिए बेहतर संवाद उनके साथ रखे।
प्राचार्य डॉ. रविचंद शर्मा ने कहा कि वह नर्सिंग प्रोफेशन से जुड़ी हैं तो वह हेल्थ दूत बनकर समाज में बच्ची और महिलाओं को आसानी से यह संदेश पहुंचा सकती हैं। यहीं से वह हिमाचल और पूरे देश में महिलाओं के हर क्षेत्र में आकर कार्य करने की जानकारी दे सकती हैं।
इस मौके पर अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज, कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुखदेव वर्मा, महासचिव रजनीश पुनिया, नर्सिंग अधीक्षक कमला शुक्ला, वीना, ज्वाइंट डायरेक्टर संजीव सूद, एसीएफ प्रणव नेगी और लॉ ऑफिसर रवि शुक्ला समेत अन्य लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।