Shimla News: मुख्यमंत्री से हंसते-बतियाते रहे अनुराग, सुक्खू ने भी जमकर की तारीफ
अनुराग ठाकुर केंद्रीय मंत्री न होते तो हिमाचल प्रदेश के लिए 24 घंटे के डीडी हिमाचल चैनल की शुरुआत नहीं हो पाती। उन्होंने प्रदेश के लिए उनसे और भी उम्मीदें जताईं।
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केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर दूरदर्शन हिमाचल चैनल के लोकार्पण के अवसर पर शिमला पहुंचे तो कांग्रेस और भाजपा नेताओं से खूब घुलते-मिलते रहे। वह काफी सक्रिय नजर आए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी हंसते-बतियाते रहे। सुक्खू ने भी उनकी जमकर तारीफ की। अगले साल लोकसभा चुनाव के चलते अनुराग ठाकुर की हिमाचल में उपस्थिति आने वाले दिनों में और बढ़ेगी। मंच पर सुक्खू अनुराग की तारीफ करते रहे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर अनुराग ठाकुर केंद्रीय मंत्री न होते तो हिमाचल प्रदेश के लिए 24 घंटे के डीडी हिमाचल चैनल की शुरुआत नहीं हो पाती। उन्होंने प्रदेश के लिए उनसे और भी उम्मीदें जताईं। इसी तरह से बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए अनुराग ठाकुर ने सीमेंट वाले मुद्दे पर कहा कि इस संबंध में राजनीति नहीं होनी चाहिए। राजनीतिक विशेषज्ञों की
मानें तो अनुराग ठाकुर का हिमाचल प्रदेश में मिशन 2024 के लिए एक तरह से शंखनाद हो चुका है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर एक ही संसदीय क्षेत्र हमीरपुर से संबंध रखते हैं। शिमला शहरी सीट से चुनाव लड़ने वाले जयराम सरकार में मंत्री रहे सुरेश भारद्वाज के घर जाकर भी अनुराग ठाकुर ने उनका कुशलक्षेम पूछा। पिछले दिनों सुरेश भारद्वाज एक दुर्घटना में घायल हो गए थे। भारद्वाज का टिकट बदलकर कसुम्पटी बदला गया था, मगर वह चुनाव हार गए थे। भाजपा नेताओं का एक खेमा उनका टिकट बदलने के पक्ष में नहीं था।
सीमावर्ती क्षेत्रों में 100 फीसदी विकास होगा
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोजेक्ट देश के उत्तरी राज्यों के सीमावर्ती जिलों के लिए दिया गया है। पांच राज्यों से 19 जिलों के 46 ब्लॉक चुने गए हैं। 2,962 गांवों को विकसित करने और केंद्र की योजनाओं को लागू करने का संकल्प लिया गया है। इसमें लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश कवर होंगे। अनुराग ठाकुर ने शिमला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस योजना से हिमाचल प्रदेश के भी जो सीमावर्ती क्षेत्र हैं, वहां पर भी विकास 100 फीसदी होगा। देशभर के पर्यटक भी आएंगे। 4,800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 2,500 करोड़ रुपये केवल सड़कों पर ही खर्च होंगे। पर्यटन, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाओं को बल मिलेगा। साथ ही आईटीबीपी की सात नई बटालियनों की घोषणाएं हुई हैं। एक सेक्टोरल मुख्यालय की घोषणा हुई है। 1,661 करोड़ रुपये इसे स्थापित करने के लिए खर्च होंगे। हर वर्ष 900 करोड़ रुपये इस पर खर्च आने वाला है।