राजनीति: मंडी में एक साथ जनसंपर्क अभियान में उतरे अनिल शर्मा और आश्रय
मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा भाजपा से अलग-थलग चलकर चुनावी वर्ष में जनसंपर्क अभियान छेड़ दिया है। उनके बेटे आश्रय शर्मा भी पिता का हाथ थामे सार्वजनिक मंचों पर खड़े दिख रहे हैं। रविवार को कोटली क्षेत्र की स्वाड़ी पंचायत में हुए कार्यक्रम में पिता-पुत्र एक साथ दिखे।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी सदर के विधायक अनिल शर्मा भाजपा से अलग-थलग चलकर चुनावी वर्ष में जनसंपर्क अभियान छेड़ दिया है। उनके बेटे आश्रय शर्मा भी पिता का हाथ थामे सार्वजनिक मंचों पर खड़े दिख रहे हैं। रविवार को कोटली क्षेत्र की स्वाड़ी पंचायत में हुए कार्यक्रम में पिता-पुत्र एक साथ दिखे। दोनों के फोटो खूब वायरल हो रहे हैं। इससे सियासी पारा भी चढ़ गया है। चुनावी वर्ष में सुखराम परिवार पर इस वक्त पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं। अनिल शर्मा भाजपा में होते हुए भी चार साल तक पार्टी के साथ नहीं दिखे। समय आने पर सीएम जयराम ठाकुर और पार्टी के खिलाफ मोरचा बांधते रहे।
उपचुनाव में भी अनिल ने भाजपा से दूरी बनाए रखी। कांग्रेस से टिकट न मिलने पर मंडी लोकसभा उपचुनाव में आश्रय शर्मा कांग्रेस पर भी निशाना साधते दिखे। इस दौरान अनिल शर्मा और आश्रय शर्मा यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि भविष्य में पिता और पुत्र एक ही राजनीतिक दल में रहेंगे। यह दल कौन सा होगा, इसके फैसले का जनता इंतजार कर रही है। अनिल ने बताया कि वे स्वाड़ी पंचायत में जनसंपर्क अभियान में गए थे। आश्रय भी कुछ ही दूरी पर एक खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल होने आए थे। उन्हें मेरे यहां होने की सूचना मिली तो थोड़ी देर उस कार्यक्रम में शामिल होने आ गए। अनिल ने बताया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क साध रहे हैं।