जनमंच में विधायक अनिल पर बरस पड़े गुस्साए ग्रामीण, ये है वजह
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पंडित सुखराम के गढ़ कोटली में आयोजित जनमंच में पूर्व मंत्री व सदर विधायक अनिल शर्मा को सड़क निर्माण को लेकर करनाल गांव के ग्रामीणों से खरी खोटी सुननी पड़ी। जनमंच में ग्रामीणों का खूब गुस्सा फूटा।
हालांकि, सदर विधायक अनिल ने ग्रामीणों की सड़क समस्या को लेकर उन्हें जवाब भी देना चाहा, लेकिन ग्रामीणों ने एक न सुनी। बाद में मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने अधिकारियों को इस तरह के मामलों में लापरवाही पर लताड़ लगाकर मामला शांत करवाया।
कोटली में आयोजित जनमंच में करनाल गांव के लोगों ने विधायक अनिल शर्मा को घेरा। उन पर अनदेखी का आरोप लगा डाला। सड़क निर्माण को लेकर फॉरेस्ट क्लीयरेंस करवाने के तर्क के साथ अनिल ने जमीन न देने की बात कही, लेकिन ग्रामीण ने रजिस्ट्री के कागज होने की दलील दे डाली।
यदि नए मंत्री कहेंगे काम होगा तो इस पर विश्वास करेंगे
इस बीच शिकायतकर्ता समेत अन्य ग्रामीणों ने विधायक से मुखातिब होकर कहा ‘यदि नए मंत्री कहेंगे काम होगा तो इस पर विश्वास करेंगे, लेकिन आपने तुंगल घाटी में कोई विकास नहीं किया।’
शिकायतकर्ता का कहना था कि क्लोथर से करनाल के लिए 1989 से आज तक सड़क नहीं निकल पाई है। उन्हें मात्र आश्वासन ही मिल रहे हैं। उन्होंने महेंद्र सिंह से आग्रह किया कि यदि वह उनके गांव के लिए सड़क निकाल देते हैं तो वह उन्हें गांव तक कार के बजाए पालकी में लेकर जाएंगे।
गौरतलब है कि पंडित सुखराम के गृह क्षेत्र में ही अब ग्रामीण उनके बेटे अनिल शर्मा के खिलाफ खुलकर सार्वजनिक तौर पर बोलने लगे हैं। यह इलाका पंडित सुखराम का गढ़ माना जाता है, लेकिन लोकसभा चुनाव में भी पंडित सुखराम के पोते व कांग्रेस प्रत्याशी को अपने इलाके से भी बढ़त नहीं मिल पाई थी।